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डेंगू के बढ़ते मामलों पर हाईकोर्ट गंभीर
New Delhi
Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने राजधानी में दिन-ब-दिन डेंगू के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। अदालत ने केंद्र सरकार से डेंगू के अलावा खतरनाक और महामारी फैलाने वाले रोगों पर नियंत्रण के लिए बनाई गई योजना और उसकी कार्यान्वयन रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन व न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो की खंडपीठ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को तीन सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 12 दिसंबर तय की है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सालीसीटर जनरल राजीव मेहरा ने खंडपीठ को बताया कि मामले में पहले से ही अधिकारी काम कर रहे हैं और वे जल्द ही पूरी रिपोर्ट पेश करेंगे। खंडपीठ अधिवक्ता गौरव बंसल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची ने खंडपीठ के समक्ष वर्ष 2007 से 2012 का डाटा पेश करते हुए बताया कि पिछले वर्षों की अपेक्षा इस बार डेंगू के ज्यादा मामले प्रकाश में आ रहे हैं। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मामले बढ़ रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहा है। अस्पताल में ब्लड और दवाओं की कमी के बाद ही सरकार की नींद खुली है। केंद्र, दिल्ली सरकार व एमसीडी में तालमेल नहीं है। डेंगू के मामले बढ़ने का एक कारण यह भी है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा बनाई योजना भी इससे फेल हो रही है। केंद्र सरकार को ऐसे मामले रोकने के लिए एक निष्पक्ष व स्वतंत्र कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया जाए, ताकि सरकार की दीर्घकालिक योजना लागू करने पर निगाह रखी जा सके।
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केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सालीसीटर जनरल राजीव मेहरा ने खंडपीठ को बताया कि मामले में पहले से ही अधिकारी काम कर रहे हैं और वे जल्द ही पूरी रिपोर्ट पेश करेंगे। खंडपीठ अधिवक्ता गौरव बंसल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची ने खंडपीठ के समक्ष वर्ष 2007 से 2012 का डाटा पेश करते हुए बताया कि पिछले वर्षों की अपेक्षा इस बार डेंगू के ज्यादा मामले प्रकाश में आ रहे हैं। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मामले बढ़ रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहा है। अस्पताल में ब्लड और दवाओं की कमी के बाद ही सरकार की नींद खुली है। केंद्र, दिल्ली सरकार व एमसीडी में तालमेल नहीं है। डेंगू के मामले बढ़ने का एक कारण यह भी है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा बनाई योजना भी इससे फेल हो रही है। केंद्र सरकार को ऐसे मामले रोकने के लिए एक निष्पक्ष व स्वतंत्र कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया जाए, ताकि सरकार की दीर्घकालिक योजना लागू करने पर निगाह रखी जा सके।
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