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चौकीदारी छोड़ बन गए सेंधमार
New Delhi
Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। दिल्ली में चौकीदारी करने आए दो नेपाली युवकों ने सेंधमारी का रास्ता अपनाया। उनकी मंशा थी कि चोरी से हुई आमदनी से नेपाल में व्यवसाय शुरू करें। मोतीनगर पुलिस ने चोरी के जेवरात बेचते हुए उन्हें
दबोच लिया। उनके पास से पुलिस को लाखों के जेवरात और अन्य सामान मिले हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से सेंधमारी के एक दर्जन मामले सुलझाने का दावा किया है।
जिला पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन ने बताया सेंधमारी करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार किए हैं। इनकी पहचान नेपाल निवासी 35 वर्षीय सरवानी बहादुर और 35 साल के पदम के रूप में हुई। पुलिस को इनके पास से लाखों के जेवरात, टीवी, कार स्टीरियो, दो मोबाइल फोन, लोहे की राड और स्क्रू ड्राइवर मिला। इनकी गिरफ्तारी से मोतीनगर के चार सेंधमारी के मामले सुलझाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, सरवानी ने पूछताछ में बताया कि काफी साल पहले वह चौकीदार की नौकरी करने के लिए दिल्ली आया। सदर बाजार में उसने चौकीदारी करनी शुरू कर दी। इस दौरान उसकी मुलाकात मोतीनगर में चौकीदारी करने वाले पदम से हुई। आमदनी कम होने की वजह से दोनों ने सेंधमारी करने का फैसला किया और इससे होने वाले आमदनी से नेपाल में व्यवसाय करने का फैसला किया था। उसके बाद उन लोगों ने बंद घरों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। अब तक दोनों सेंधमारी की एक दर्जन वारदात को अंजाम दे चुके थे।
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दबोच लिया। उनके पास से पुलिस को लाखों के जेवरात और अन्य सामान मिले हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से सेंधमारी के एक दर्जन मामले सुलझाने का दावा किया है।
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जिला पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन ने बताया सेंधमारी करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार किए हैं। इनकी पहचान नेपाल निवासी 35 वर्षीय सरवानी बहादुर और 35 साल के पदम के रूप में हुई। पुलिस को इनके पास से लाखों के जेवरात, टीवी, कार स्टीरियो, दो मोबाइल फोन, लोहे की राड और स्क्रू ड्राइवर मिला। इनकी गिरफ्तारी से मोतीनगर के चार सेंधमारी के मामले सुलझाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, सरवानी ने पूछताछ में बताया कि काफी साल पहले वह चौकीदार की नौकरी करने के लिए दिल्ली आया। सदर बाजार में उसने चौकीदारी करनी शुरू कर दी। इस दौरान उसकी मुलाकात मोतीनगर में चौकीदारी करने वाले पदम से हुई। आमदनी कम होने की वजह से दोनों ने सेंधमारी करने का फैसला किया और इससे होने वाले आमदनी से नेपाल में व्यवसाय करने का फैसला किया था। उसके बाद उन लोगों ने बंद घरों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। अब तक दोनों सेंधमारी की एक दर्जन वारदात को अंजाम दे चुके थे।
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