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आतंकी वसीम अकरम के खिलाफ अभियोग तय
New Delhi
Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। अदालत ने हाईकोर्ट के सामने बम विस्फोट मामले में आतंकी वसीम अकरम मलिक के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक षडयंत्र, गंभीर रूप से चोट पहुंचाने के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां व विस्फोटक अधिनियम के तहत अभियोग तय कर दिए। पटियाला हाउस स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए के विशेष न्यायाधीश एसएस शर्मा के समक्ष आरोपी मलिक ने अपना अपराध मानने से इनकार करते हुए कहा कि वह मुकदमा लड़ेगा। 15 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष गवाहों को पेश करेगा।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पेश साक्ष्यों, गवाहों के बयानों से स्पष्ट है कि वसीम की हाईकोर्ट विस्फोट मामले में भूमिका रही है और उस पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं।
बता दें कि गत वर्ष 7 सितंबर को हाईकोर्ट के गेट नंबर चार के सामने हुए विस्फोट में 17 लोग मारे गए थे, जबकि करीब 90 अन्य घायल हुए थे। इस मामले में अमिर अब्बास देव व एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। बाद में देव सरकारी गवाह बन गया था। एनआईए ने उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवा दिए, ताकि वह अपने बयानों से मुकर न सके। वहीं नाबालिग के खिलाफ बाल अदालत में मामला विचाराधीन है। एनआईए ने इस मामले में उक्त तीनों के अलावा आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी अमीर अकमल, जुनेद अकरम मलिक और शाकिर हुसैन उर्फ छोटा हाफिज के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। ये तीनों फरार हैं। एनआईए का आरोप है कि यह विस्फोट संसद हमले के आरोपी अफजल गुरूको दी गई सजा के खिलाफ किया गया था। अदालत ने वसीम अकरम मलिक पर लगाए देश के खिलाफ युद्ध करने के आरोप को खारिज कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पेश साक्ष्यों, गवाहों के बयानों से स्पष्ट है कि वसीम की हाईकोर्ट विस्फोट मामले में भूमिका रही है और उस पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं।
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बता दें कि गत वर्ष 7 सितंबर को हाईकोर्ट के गेट नंबर चार के सामने हुए विस्फोट में 17 लोग मारे गए थे, जबकि करीब 90 अन्य घायल हुए थे। इस मामले में अमिर अब्बास देव व एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। बाद में देव सरकारी गवाह बन गया था। एनआईए ने उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवा दिए, ताकि वह अपने बयानों से मुकर न सके। वहीं नाबालिग के खिलाफ बाल अदालत में मामला विचाराधीन है। एनआईए ने इस मामले में उक्त तीनों के अलावा आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी अमीर अकमल, जुनेद अकरम मलिक और शाकिर हुसैन उर्फ छोटा हाफिज के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। ये तीनों फरार हैं। एनआईए का आरोप है कि यह विस्फोट संसद हमले के आरोपी अफजल गुरूको दी गई सजा के खिलाफ किया गया था। अदालत ने वसीम अकरम मलिक पर लगाए देश के खिलाफ युद्ध करने के आरोप को खारिज कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
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