ऑटो में जीपीआरएस लगाने को हरी झंडी

New Delhi Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने दिल्ली में चलने वाले ऑटो रिक्शा में जीपीआरएस सिस्टम लगाने के लिए सरकार को हरी झंडी दे दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह सिस्टम आम लोगों की सुरक्षा व उनके हित में है। इतना ही नहीं इस सिस्टम के लगने से बच्चे व युवतियां बिना डर के ऑटों में यात्रा कर पाएंगे और उनका ड्राइवर पर नियंत्रण रहेगा।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ए.के. सीकरी व न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो की खंडपीठ ने अपने फैसले में ऑटो व टैक्सियों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताते हुए रंगा-बिल्ला मामले की हवाला दिया। अदालत ने कहा कि जीपीआरएस सिस्टम पूरे विश्व में लगाया जा रहा है और इस सिस्टम को लगाने में सरकार के निर्णय में उन्हें कोई खामी नजर नहीं आती। यह सिस्टम लगाने से ऑटो चालकों पर नियंत्रण रहेगा और यह पता रहेगा कि वह किस रूट पर हैं। यह सभी की सुरक्षा के लिए जरूरी है। अदालत ने कहा इससे बच्चे व युवतियां बिना किसी भय से आटों में यात्रा कर पाएंगे। अदालत ने आटो रिक्शा चालक एसोसिएशन के तर्कों को खारिज करते हुए कहा सरकार का निर्णय मनमाना नहीं है। अदालत ने कहा ऑटो चालक यात्री से प्रति किलोमीटर 50 पैसे किराए से अतिरिक्त इस सिस्टम के नाम से वसूल रहे हैं। यदि सिस्टम लगाने पर 15 हजार रुपये खर्च आता भी है तो एक माह में ही चालक उसकी रिकवरी कर लेंगे। जबकि सरकार ने सिस्टम को लगाने का खर्च घटाकर 7,500 रुपए कर दिया है।

सरकार के सभी तर्कों पर मुहर
सरकार के अधिवक्ता नजमी वजीरी ने दलील दी कि आधुनिक यातायात सिस्टम के लिए जीपीआरएस सिस्टम लगाना जरूरी है। इसके लगाने से चालकों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा क्योंकि ऑटो चालक काफी अरसे से प्रति किलोमीटर 50 पैसे अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं।
इसके अलावा इस सिस्टम के लागू होने से चालकों को भी काफी फायदा होगा। सरकार उन्हें बीमा, स्मार्ट कार्ड, पेंशन, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ऋण, चालकों के कल्याण के लिए वेलफेयर बोर्ड का गठन करेगी।
इन सब से यात्रियों को भी लाभ होगा जैस- लूटपाट या अन्य आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगेगा। वहीं प्रिंटिंग उपकरण लगने से चालक यात्रियों से ज्यादा किराया नहीं वसूल पाएंगे।

ऑटो चालकों के तर्क
चालकों ने दिल्ली सरकार द्वारा ऑटो में जीपीआरएस सिस्टम लगाने के लिए 17 मार्च 2011 को किए फैसले को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा सरकार का निर्णय संविधान के अनुच्छेद 14 व 21 में दिए अधिकारों का हनन करता है। उन पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा और उनकी इतनी आय नहीं है कि वे इसका खर्च सहन कर सके। अत: सरकार के मनमाने फैसले को रद्द किया जाए।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

आप विधायकों को हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत, अब सोमवार को होगी सुनवाई

लाभ के पद के मामले में चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के मामले में अब सोमवार को होगी सुनवाई।

19 जनवरी 2018

Related Videos

केजरीवाल के सियासी करियर का "काला दिन" समेत शाम की 10 बड़ी खबरें

अमर उजाला टीवी पर देश-दुनिया की राजनीति, खेल, क्राइम, सिनेमा, फैशन और धर्म से जुड़ी खबरें दिन में चार बार LIVE देख सकते हैं, हमारे LIVE बुलेटिन्स हैं - यूपी न्यूज सुबह 7 बजे, न्यूज ऑवर दोपहर 1 बजे, यूपी न्यूज शाम 7 बजे

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper