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रामदेव ने प्रधानमंत्री को लिखा खुला पत्र
New Delhi
Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। रामलीला मैदान में बाबा रामदेव ने रविवार सुबह बताया कि काले धन, भ्रष्टाचार व व्यवस्था परिवर्तन के संबंध में एक खुला पत्र प्रधानमंत्री को भेजा गया है। इसकी वजह बताते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि यूपीए की तरफ से अमूमन कहा जाता है कि प्रधानमंत्री ईमानदार हैं। लेकिन अगर इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तो उनकी राजनीतिक ईमानदारी पर सवालिया निशान लग जाएगा।
पीएम के नाम खुला पत्र
कालाधन- विदेशों में जमा काला धन राष्ट्रीय संपत्ति घोषित की जाए। मॉरिशस के माध्यम से आ रही एफडीआई के मूल स्रोतों की जानकारी दी जाए। विदेशों में काला धन जमा कराने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।
भ्रष्टाचार- संसद के मानसून सत्र में ही मजबूत लोकपाल बिल पारित हो। सीबीआई को स्वायत्त करने के साथ सीबीआई निदेशक, सीवीसी, सीएजी, सीईसी व लोकपाल की नियुक्तियों के लिए एक कमेटी का गठन हो। इसमें सत्ता व विपक्ष के दो सदस्य और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों।
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व्यवस्था परिवर्तन- शिक्षा भारतीय भाषाओं में देने के साथ नैतिक मूल्यों का समावेश किया जाए। किसान आय आयोग का गठन हो। भू संपदा की लूट पर रोक लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित हो। साथ ही, इसके न्यायपूर्ण वितरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी गठित की जाए।
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पीएम के नाम खुला पत्र
कालाधन- विदेशों में जमा काला धन राष्ट्रीय संपत्ति घोषित की जाए। मॉरिशस के माध्यम से आ रही एफडीआई के मूल स्रोतों की जानकारी दी जाए। विदेशों में काला धन जमा कराने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।
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भ्रष्टाचार- संसद के मानसून सत्र में ही मजबूत लोकपाल बिल पारित हो। सीबीआई को स्वायत्त करने के साथ सीबीआई निदेशक, सीवीसी, सीएजी, सीईसी व लोकपाल की नियुक्तियों के लिए एक कमेटी का गठन हो। इसमें सत्ता व विपक्ष के दो सदस्य और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों।
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व्यवस्था परिवर्तन- शिक्षा भारतीय भाषाओं में देने के साथ नैतिक मूल्यों का समावेश किया जाए। किसान आय आयोग का गठन हो। भू संपदा की लूट पर रोक लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित हो। साथ ही, इसके न्यायपूर्ण वितरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी गठित की जाए।