फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   New Delhi News ›   27 unauthorized religious site kicked off in four weeks

27 अनधिकृत धार्मिक स्थल चार सप्ताह में हटें

Tue, 08 Oct 2013 01:24 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 08 Oct 2013 01:24 AM IST
विज्ञापन
27 unauthorized religious site kicked off in four weeks

राजधानी में सरकारी भूमि पर बने अनधिकृत धार्मिक स्थलों को नहीं हटाए जाने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार व डीडीए को कड़ी फटकार लगाई है।

विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि सरकार व एजेंसी अनधिकृत भूमि की मात्रा व कीमत की अनदेखी कर रही है।

दूसरी ओर कोर्ट ने पहले से चिह्नित 27 अनधिकृत धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए सरकार व डीडीए को चार सप्ताह का समय दिया है।

जस्टिस मुरलीधर व जस्टिस राजीव सहाय एंडलॉ की विशेष खंडपीठ ने कहा कि भूमि सबसे कीमती संसाधन है। जबरन कब्जे वाली भूमि को वापस लेने के लिए कैसे कोई कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ने हलफनामा पेश कर अनधिकृत धार्मिक स्थलों को हटाने के संबंध में की गई कार्रवाई का ब्योरा दिया।

हलफनामे के संबंध में कोर्ट ने कहा कि इसे चतुराई से लिखा गया है और ऐसा लगता है कि छोटे भूमि खंडों को वापस लेने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठाएगी।

सरकार अतिक्रमण व अनधिकृत निर्माण को ऐसे ही बनाए रखना चाहती है।

कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव व डीडीए के वाइस चेयरमैन को चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने व प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

बता दें कि हाईकोर्ट वर्ष 2005 से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मुद्दे की निगरानी कर रहा है।

कोर्ट ने करीब 43000 एकड़ सरकारी भूमि के अतिक्रमण पर मीडिया रिपोर्ट पर स्व संज्ञान लिया था।

इस संबंध में कोई कदम न उठाने पर कोर्ट ने जुलाई 2012 में भी दिल्ली सरकार व डीडीए को फटकार लगाई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed