दिल्ली : पीएम संग्रहालय में 95% दर्शकों की सेल्फी में पहली पसंद मोदी, जानिए यहां आकर किस बात से मायूस हो रहे दर्शक
संग्रहालय में वर्चुअल पीएम विद सेल्फी और पीएम विद वॉक में 95 फीसदी दर्शकों ने मोदी को चुना है। हालांकि, संग्रहालय में पीएम मोदी की गैलरी नहीं है। इसके कारण यहां आने वाले दर्शक मोदी गैलरी न पाकर मायूस भी हैं।
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दिल्ली में नवनिर्मित प्रधानमंत्री संग्रहालय में पीएम नरेंद्र मोदी दर्शकों की पहली पसंद हैं। संग्रहालय में वर्चुअल पीएम विद सेल्फी और पीएम विद वॉक में 95 फीसदी दर्शकों ने मोदी को चुना है। हालांकि, संग्रहालय में पीएम मोदी की गैलरी नहीं है। इसके कारण यहां आने वाले दर्शक मोदी गैलरी न पाकर मायूस भी हैं।
उनका कहना है कि मोदी गैलरी में पीएम के रूप में सात साल के कार्यकाल से लेकर गुजरात में मुख्यमंत्री के तौर पर कामकाज, उनकी उपलब्धियों की जानकारी दर्शानी चाहिए थी। खास बात यह है कि 21 अप्रैल से आम लोगों के लिए खुलने के बाद आम दिनों (मंगलवार से शुक्रवार) में 500 से 600 विजिटर तो वीकएंड ( शनिवार और रविवार) पर प्रतिदिन करीब 1300 दर्शक पहुंचे हैं।
मार्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस की पिछले दिनों जारी विश्व के 13 नेताओं की सूची में 71 फीसदी रेटिंग के साथ दुनिया में पीएम नरेंद्र मोदी को सबसे लोकप्रिय नेता का खिताब यू ही नहीं मिला है। दरअसल, आम लोगों में पीएम मोदी सबसे चर्चित और लोकप्रिय नेता हैं। इसका उदाहरण संग्रहालय में भी देखने को मिल रहा है। यहां आने वाले दर्शकों की पहली पसंद मोदी हैं। संग्रहालय का विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी दौरा करेंगे। इसकी शुरुआत शनिवार को उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी कर रहे हैं।
फिलहाल संग्रहालय में नहीं है मोदी गैलरी
संग्रहालय में सभी 14 पूर्व प्रधानमंत्री की गैलरी है। इसमें उनके सामान, भाषण, पत्र, उपलब्धियों, विदेश नीति आदि की छोटी-छोटी जानकारियां दर्शकों को मिल रही हैं। हालांकि, संग्रहालय पूर्व प्रधानमंत्रियों को लेकर है।
इस कारण फिलहाल मोदी की गैलरी नहीं है। दर्शक सबसे पहले काउंटर पर मोदी गैलरी किस तरफ है कि जानकारी मांगते हैं। जैसे ही उन्हें बताया जाता है कि मोदी गैलरी नहीं है तो वे आक्रोशित हो जाते हैं। दर्शकों का मानना है कि मोदी गैलरी भी होनी चाहिए थी। हालांकि, संग्रहालय में पीएम विद सेल्फी, पीएम विद वॉक में 14 पूर्व प्रधानमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शामिल किया गया है।
पहला लाइट एंड साउंड शो इसरो को समर्पित: प्रधानमंत्री संग्रहालय में अगले महीने की शुरुआत तक लाइट एंड साउंड शो भी दर्शकों को देखने को मिलेगा। संग्रहालय के बाहर छोटे से ओपन एरिया को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। पहला लाइट एंड साउंड शो इसरो की उपलब्धियों पर आधारित होगा। करीब 32 मिनट के लाइट एंड साउंड शो में इसरो की साइकिल से लेकर चंद्रयान, मंगलयान के सफर आदि की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा इसरो को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्रियों का सहयोग, इसरो प्रमुख की उपलब्धियां आदि दर्शायी जाएंगी।
स्पेशल छुट्टी लेकर प्रधानमंत्री संग्रहालय देखने परिवार सहित आए हैं। यहां आकर लगा कि मोदी विजन कुछ हटकर होता है। यहां पर पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में छोटी-छोटी जानकारियां, उपलब्धियां देखने को मिलीं। हालांकि पहली पसंद पीएम मोदी हैं।- डॉ. अनिल, दर्शक, बेंगलुरु
अभी तक सिर्फ किताबों में पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में जाना था, लेकिन उतनी अच्छे से कोई बात पता नहीं थी। यहां आकर जो जानकारी मिली है, वह भविष्य में काम आएगी। पीएम मोदी सर के साथ सेल्फी ली है, जो सबसे अच्छा अनुभव है।- आद्या, छात्रा, बेंगलुरु
प्रधानमंत्री संग्रहालय आने का मकसद मोदी के बारे में जानना था। हालांकि उनकी गैलरी नहीं है। फिर भी उनके साथ सेल्फी लेकर एक यादगार लम्हा मेरे पास है। पहली बार सभी प्रधानमंत्री के बारे में जानने का मौका मिला। इस संग्रहालय को बनाने का विजन आज साफ हुआ कि हम युवाओं में से कितनों को पूर्व प्रधानमंत्री के नाम, उपलब्धि याद होंगे।- मुकुल, इंजीनियरिंग छात्र, दिल्ली
इन 14 पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में जान सकेंगे
संग्रहालय में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, गुलजारी लाल नंदा, जवाहर लाल नेहरू, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, नरसिंह राव, अटल बिहारी वाजपेयी, एचडी देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, मनमोहन सिंह को शामिल किया गया है।
दर्शकों की राय का इस्तेमाल नीति निर्धारण में
प्रधानमंत्री संग्रहालय में आजादी के सौ साल के मौके पर भारत 2047 में कैसा होगा। इस थीम को लेकर संग्रहालय में भारत 2047 के लिए अपने विचार लिखें...... नाम से वॉल बनाई गई है। इस पर दर्शक डिजिटल माध्यम से अपनी राय लिख सकते हैं। जैसे ही दर्शक अपनी राय लिखता है तो सामने वॉल पर उसकी लिखावट में फोटो सहित विचार आ जाते हैं। इस वॉल पर लिखे जाने वाले युवाओं के विचारों का प्रयोग नीति निर्धारण में किया जाएगा। अधिकतर युवाओं का विचार है कि भारत 2047 में भ्रष्टाचार मुक्त, लैंगिक समानता, सुपर पावर इंडिया, वन ऑफ द मोस्ट डेवलप्ड कंट्री आदि मुख्य हैं। युवाओं के इन विचारों के आधार पर आगे सरकार एक्शन पॉलिसी बनाएगी।- नृपेंद्र मिश्र, अध्यक्ष, कार्यकारी परिषद, प्रधानमंत्री संग्रहालय।