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Hindi News ›   Delhi ›   Minister Atishi accused Chief Secretary of disobeying orders

केजरीवाल और LG में फिर तकरार: आतिशी का आरोप, मुख्य सचिव ने नहीं माना दिल्ली सरकार का आदेश

Thu, 24 Aug 2023 08:11 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 24 Aug 2023 08:11 PM IST
सार

दिल्ली मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव पर आदेश न मानने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 16 अगस्त को मुख्य सचिव को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया गया था।

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Minister Atishi  accused Chief Secretary of disobeying orders
दिल्ली शिक्षा मंत्री आतिशी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सेवा बिल पास होने के साथ ही दिल्ली सरकार और अधिकारियों के बीच तकरार बढ़ गई है। दिल्ली सरकार का दावा है कि मुख्य सचिव सरकार के आदेश को मानने से मना कर रहे हैं, जबकि नियम के तहत उन्हें विभाग की मंत्री की बात माननी चाहिए। सेवा विभाग की मंत्री आतिशी ने कहा कि नेशनल कैपिटल सिविल सर्विसेज अथॉरिटी और दिल्ली सरकार के विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए दिए गए आदेश को मुख्य सचिव ने जीएनसीटीडी अमेंडमेंट एक्ट 2023 का हवाला देते हुए 10 पन्नों की चिट्ठी लिखकर मानने से इन्कार कर दिया।
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मुख्य सचिव पर आदेश न मानने का आरोप
मंत्री ने कहा कि अधिकारी आदेश नहीं मानेंगे तो सरकार कैसे चलेगी। लोकतंत्र में अफसरों की जवाबदेही मंत्री के प्रति, मंत्री की विधानसभा के प्रति और विधानसभा की जनता के प्रति होती है, लेकिन अधिकारी मंत्री की बात ही नहीं मान रहे।

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मंत्री का कहना है कि 16 अगस्त को बतौर सर्विसेज व विजिलेंस मंत्री सेक्रेटरी सर्विसेज, सेक्रेटरी विजिलेंस को एक आदेश दिया। इसके जवाब में 21 अगस्त को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने 10 पन्ने की चिट्ठी लिख कर जीएनसीटीडी अमेंडमेंट एक्ट 2023 का हवाला देते हुए आदेश को मानने से इन्कार कर दिया।

आतिशी ने कहा- संविधान ने ढांचागत व्यवस्था बनाई
आतिशी ने कहा कि संविधान ने ढांचागत व्यवस्था बनाई कि दिल्ली या किसी भी राज्य की जनता अपने प्रतिनिधियों को चुन कर विधानसभा भेजेगी। वो विधानसभा कुछ प्रतिनिधियों को मंत्री बनाकर कैबिनेट में भेजेगी जो जनता के हित में फैसले लेगी, पॉलिसी बनाएगी और जनता द्वारा उसका क्रियान्वयन करवाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सांविधानिक पीठ ने भी इस ट्रिपल चेन ऑफ अकाउंटबिलिटी की बात की थी। साथ ही ये भी स्पष्ट किया था एक गैर-जिम्मेदार और गैर-उत्तरदायी सिविल सेवा लोकतंत्र में शासन की गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।

ऐसे फैसले से जनता के काम रुकेंगे
आतिशी ने कहा कि अधिकारियों के ऐसे फैसले से दिल्ली की जनता के काम रुकेंगे, उनके कामों में देरी होगी और जनता को नुकसान होगा। हो सकता है कि आने वाले दिनों में नए स्कूल बनाना, फ्री दवाइयां देना, फ्री बिजली देना बंद हो जाए। अधिकारी सरकार के आदेश को मानने से मना कर सकते हैं।

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