केजरीवाल और LG में फिर तकरार: आतिशी का आरोप, मुख्य सचिव ने नहीं माना दिल्ली सरकार का आदेश
दिल्ली मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव पर आदेश न मानने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 16 अगस्त को मुख्य सचिव को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया गया था।
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16 अगस्त को मुख्य सचिव को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया, पर मुख्य सचिव ने 10 पन्ने की चिट्ठी लिख चुनी हुई सरकार की बात मानने से साफ़ इनकार कर दिया
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नए कानून का हवाला देकर, अगर अधिकारी आदेश नही मानेंगे तो आख़िरकार सरकार कैसे चलेगी? https://t.co/VsvWIZQo5l — Atishi (@AtishiAAP) August 24, 2023
मुख्य सचिव पर आदेश न मानने का आरोप
मंत्री ने कहा कि अधिकारी आदेश नहीं मानेंगे तो सरकार कैसे चलेगी। लोकतंत्र में अफसरों की जवाबदेही मंत्री के प्रति, मंत्री की विधानसभा के प्रति और विधानसभा की जनता के प्रति होती है, लेकिन अधिकारी मंत्री की बात ही नहीं मान रहे।
मंत्री का कहना है कि 16 अगस्त को बतौर सर्विसेज व विजिलेंस मंत्री सेक्रेटरी सर्विसेज, सेक्रेटरी विजिलेंस को एक आदेश दिया। इसके जवाब में 21 अगस्त को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने 10 पन्ने की चिट्ठी लिख कर जीएनसीटीडी अमेंडमेंट एक्ट 2023 का हवाला देते हुए आदेश को मानने से इन्कार कर दिया।
आतिशी ने कहा- संविधान ने ढांचागत व्यवस्था बनाई
आतिशी ने कहा कि संविधान ने ढांचागत व्यवस्था बनाई कि दिल्ली या किसी भी राज्य की जनता अपने प्रतिनिधियों को चुन कर विधानसभा भेजेगी। वो विधानसभा कुछ प्रतिनिधियों को मंत्री बनाकर कैबिनेट में भेजेगी जो जनता के हित में फैसले लेगी, पॉलिसी बनाएगी और जनता द्वारा उसका क्रियान्वयन करवाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सांविधानिक पीठ ने भी इस ट्रिपल चेन ऑफ अकाउंटबिलिटी की बात की थी। साथ ही ये भी स्पष्ट किया था एक गैर-जिम्मेदार और गैर-उत्तरदायी सिविल सेवा लोकतंत्र में शासन की गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।
ऐसे फैसले से जनता के काम रुकेंगे
आतिशी ने कहा कि अधिकारियों के ऐसे फैसले से दिल्ली की जनता के काम रुकेंगे, उनके कामों में देरी होगी और जनता को नुकसान होगा। हो सकता है कि आने वाले दिनों में नए स्कूल बनाना, फ्री दवाइयां देना, फ्री बिजली देना बंद हो जाए। अधिकारी सरकार के आदेश को मानने से मना कर सकते हैं।