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Delhi News: बेटी की शादी के लिए मन्नत मांगने गई थीं मीना, दोनों की हो गई मौत
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पत्ते शाह की दरगाह में हुए हादसे का मामला
बारिश होने पर दोनों कमरे में रुक गईं और हो गईं हादसे का शिकार
बड़ी बेटी बोली-गुरुद्वारे जाने की बात कहकर घर से निकली थीं मां
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हर माता-पिता की चाहत होती है कि उसकी बेटी को अच्छा वर मिले और उनके बच्चों की समय से शादी हो जाए। कुछ ऐसी ही मनोकामना लेकर मीना अरोड़ा पत्ते शाह की दरगाह में पहुंची थीं लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। दोनों मां-बेटी
की हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को एम्स ट्राॅमा सेंटर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए।
दोपहर बाद उनके वसंत कुंज स्थित घर से मां-बेटी की अर्थी उठी तो लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे। बड़ी बेटी प्रिया तो रोते-रोते कह रही थीं, मां उसे बिल्कुल अकेला छोड़कर चली गईं। रिश्तेदारों ने प्रिया को समझाने का प्रयास किया। प्रिया रोते हुए कह रही थी कि मां तो गुरुद्वारे जाने की बात कहकर निकली थीं।
एक परिजन ने बताया कि 25 साल की मोनुष्का की शादी के लिए मीना काफी परेशान रहती थीं। वह चाहती थीं कि बेटी को अच्छा वर मिले। इसके लिए हर चौखट पर मत्था टेकने जाती थीं। शुक्रवार दोपहर वह मोनुष्का को लेकर दरगाह पहुंचीं। वहां पहुंचने पर बारिश होने लगी तो वह वहीं कमरे में रुक गईं।
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इस बीच वह हादसे का शिकार हो गईं। शाम के समय प्रिया के पास पुलिस की कॉल पहुंची और हादसे की सूचना देकर उनको फौरन एम्स बुलवाया। वहां पहुंचने पर बहन व मां की मौत का पता चला। प्रिया ने बताया कि इनके परिवार में एक छोटा भाई ही बचा है। वह प्रिया के पति के साथ काम करता है।
पत्नी का इलाज करवाने पहुंचे थे बुजुर्ग, खुद की चली गई जान
मलकागंज निवासी बुजुर्ग स्वरूपचंद की पत्नी रानी की टांगों में परेशानी है। उनको चलने में खासी दिक्कत होती है। उनके जानकार ने बताया था कि पत्ते शाह की दरगाह पर जाकर वह वहां का पत्ता खाएंगी और इलाज करवाएंगी तो ठीक हो जाएंगी। इसी आस में स्वरूपचंद अपनी पत्नी को लेकर दरगाह पहुंचे और हादसे का शिकार हो गए। हादसे में बुजुर्ग स्वरूपचंद की मौत हो गई जबकि पत्नी रानी एम्स ट्राॅमा सेंटर में जिंदगी के लिए जंग कर रही हैं। हालत नाजुक बनी हुई है। स्वरूपचंद के भांजे सुनील ने बताया कि मामा-मामी ने दवाई ले भी ली थी, वह बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान वह हादसे का शिकार हो गए।
घर में शांति के लिए दरगाह पहुंचीं थीं अनीता
अनीता सैनी जंगपुरा के भोगल में रहती थीं। परिवार में दो बेटे, बहू व पोता शामिल है। इनके पति की कोविड के दौरान मौत हो गई थी। अनीता की बहन मंजू ने बताया कि पति की मौत के बाद इनके घर में झगड़े हो रहे थे। अनीता इससे खासी परेशान हो चुकी थीं। वह चाहती थीं कि किसी भी तरह घर में शांति हो जाए। किसी के बताने पर वह दरगाह पहुंची थीं। अक्सर उनका यहां आना-जाना शुरू हो गया। शुक्रवार को दर्शन के बाद मौलाना ने इनको ताबीज देने के लिए बुलाया था। मत्था टेकने के बाद वह इंतजार कर ही रहीं थीं कि अचानक कमरे की छत और दीवार गिर गई और वह हादसे का शिकार हो गईं।
मौलाना से मिलने पहुंचे थे मोइनुद्दीन
हादसे में जान गंवाने वाले मोइनुद्दीन जामिया नगर के जाकिर नगर में रहते थे। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। इनका कपड़े का कारोबार था। शुक्रवार को इनको दरगाह के मौलाना से मिलना था। नमाज के बाद वह अपने दोस्त के साथ दरगाह पहुंचे। इनका दोस्त किसी काम से बाहर रुक गया। मोइनुद्दीन खुद अंदर चले गए। उस समय दोपहर के साढ़े तीन बजे थे। अभी वह मौलाना से मिलने का इंतजार कर रहे थे कि इसी दौरान हादसा हो गया और वह मलबे के नीचे दब गए। दोस्त अंदर भागा। उसने लोगों के साथ मिलकर मलबा हटाना भी शुरू किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मोइनुद्दीन अचेत हालत में मिले थे। अस्पताल ले जाने पर उनको मृत घोषित कर दिया गया।
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बारिश होने पर दोनों कमरे में रुक गईं और हो गईं हादसे का शिकार
बड़ी बेटी बोली-गुरुद्वारे जाने की बात कहकर घर से निकली थीं मां
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हर माता-पिता की चाहत होती है कि उसकी बेटी को अच्छा वर मिले और उनके बच्चों की समय से शादी हो जाए। कुछ ऐसी ही मनोकामना लेकर मीना अरोड़ा पत्ते शाह की दरगाह में पहुंची थीं लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। दोनों मां-बेटी
की हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को एम्स ट्राॅमा सेंटर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए।
दोपहर बाद उनके वसंत कुंज स्थित घर से मां-बेटी की अर्थी उठी तो लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे। बड़ी बेटी प्रिया तो रोते-रोते कह रही थीं, मां उसे बिल्कुल अकेला छोड़कर चली गईं। रिश्तेदारों ने प्रिया को समझाने का प्रयास किया। प्रिया रोते हुए कह रही थी कि मां तो गुरुद्वारे जाने की बात कहकर निकली थीं।
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एक परिजन ने बताया कि 25 साल की मोनुष्का की शादी के लिए मीना काफी परेशान रहती थीं। वह चाहती थीं कि बेटी को अच्छा वर मिले। इसके लिए हर चौखट पर मत्था टेकने जाती थीं। शुक्रवार दोपहर वह मोनुष्का को लेकर दरगाह पहुंचीं। वहां पहुंचने पर बारिश होने लगी तो वह वहीं कमरे में रुक गईं।
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इस बीच वह हादसे का शिकार हो गईं। शाम के समय प्रिया के पास पुलिस की कॉल पहुंची और हादसे की सूचना देकर उनको फौरन एम्स बुलवाया। वहां पहुंचने पर बहन व मां की मौत का पता चला। प्रिया ने बताया कि इनके परिवार में एक छोटा भाई ही बचा है। वह प्रिया के पति के साथ काम करता है।
पत्नी का इलाज करवाने पहुंचे थे बुजुर्ग, खुद की चली गई जान
मलकागंज निवासी बुजुर्ग स्वरूपचंद की पत्नी रानी की टांगों में परेशानी है। उनको चलने में खासी दिक्कत होती है। उनके जानकार ने बताया था कि पत्ते शाह की दरगाह पर जाकर वह वहां का पत्ता खाएंगी और इलाज करवाएंगी तो ठीक हो जाएंगी। इसी आस में स्वरूपचंद अपनी पत्नी को लेकर दरगाह पहुंचे और हादसे का शिकार हो गए। हादसे में बुजुर्ग स्वरूपचंद की मौत हो गई जबकि पत्नी रानी एम्स ट्राॅमा सेंटर में जिंदगी के लिए जंग कर रही हैं। हालत नाजुक बनी हुई है। स्वरूपचंद के भांजे सुनील ने बताया कि मामा-मामी ने दवाई ले भी ली थी, वह बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान वह हादसे का शिकार हो गए।
घर में शांति के लिए दरगाह पहुंचीं थीं अनीता
अनीता सैनी जंगपुरा के भोगल में रहती थीं। परिवार में दो बेटे, बहू व पोता शामिल है। इनके पति की कोविड के दौरान मौत हो गई थी। अनीता की बहन मंजू ने बताया कि पति की मौत के बाद इनके घर में झगड़े हो रहे थे। अनीता इससे खासी परेशान हो चुकी थीं। वह चाहती थीं कि किसी भी तरह घर में शांति हो जाए। किसी के बताने पर वह दरगाह पहुंची थीं। अक्सर उनका यहां आना-जाना शुरू हो गया। शुक्रवार को दर्शन के बाद मौलाना ने इनको ताबीज देने के लिए बुलाया था। मत्था टेकने के बाद वह इंतजार कर ही रहीं थीं कि अचानक कमरे की छत और दीवार गिर गई और वह हादसे का शिकार हो गईं।
मौलाना से मिलने पहुंचे थे मोइनुद्दीन
हादसे में जान गंवाने वाले मोइनुद्दीन जामिया नगर के जाकिर नगर में रहते थे। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। इनका कपड़े का कारोबार था। शुक्रवार को इनको दरगाह के मौलाना से मिलना था। नमाज के बाद वह अपने दोस्त के साथ दरगाह पहुंचे। इनका दोस्त किसी काम से बाहर रुक गया। मोइनुद्दीन खुद अंदर चले गए। उस समय दोपहर के साढ़े तीन बजे थे। अभी वह मौलाना से मिलने का इंतजार कर रहे थे कि इसी दौरान हादसा हो गया और वह मलबे के नीचे दब गए। दोस्त अंदर भागा। उसने लोगों के साथ मिलकर मलबा हटाना भी शुरू किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मोइनुद्दीन अचेत हालत में मिले थे। अस्पताल ले जाने पर उनको मृत घोषित कर दिया गया।