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MCD : शपथ लेने के बाद अब पार्षद वार्ड में करा सकेंगे काम, फंड का पैसा भी दे सकता है निगम
Thu, 26 Jan 2023 06:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 26 Jan 2023 06:54 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शपथ ग्रहण करने के बाद अब पार्षद वार्ड में निगम से जुड़े काम करवा पाएंगे। वार्ड के लोग निगम की समस्याएं लेकर सीधे पार्षद के पास जा सकते हैं। निगम चाहेगा तो पार्षदों के खाते में सीधे वार्ड फंड का पैसा भी दिया जा सकता है।
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वहीं, मेयर के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो संभावना यही है कि अब नया मेयर अप्रैल में ही मिलेगा। एलजी कार्यालय के निर्देश से फरवरी में सदन की बैठक फिर से होगी, लेकिन इसमें भी मेयर का चुनाव होना मुश्किल लग रहा है। मंगलवार को हुई सदन की बैठक में हंगामे के बीच दिल्ली के 250 पार्षदों और 10 मनोनीत सदस्यों की शपथ हो गई, लेकिन मेयर का चुनाव नहीं हो पाया। इससे पहले 6 जनवरी को भी इसी तरह हंगामे के कारण सदन की बैठक बेनतीजा ही स्थगित हो गई थी।
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अब फरवरी के मध्य में यदि मेयर का चुनाव कराया जाता है तो नए मेयर के पास अपना काम समझने और काम शुरू करने का वक्त नहीं मिलेगा। डीएमसी एक्ट-1957 के मुताबिक अप्रैल में मेयर का चुनाव होना तय है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब अगली बैठक में आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों ही केवल एक महीने के लिए मेयर का चुनाव नहीं कराना चाहेंगी। फिलहाल इस मसले पर कोई भी दल अभी साफ तौर पर कुछ भी नहीं बोल रहा।
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पार्षदों को काम करने का मिला हक
पार्षदों को वार्ड में निगम से जुड़े काम कराने का हक मिल गया है। वह वार्ड के लोगों की समस्याएं लेकर सीधा निगम के अधिकारियों से बात कर सकते हैं। फिलहाल, मेयर नहीं चुने जाने तक इनके पास अधिकारियों के सामने लोगों की बात रखने की उतनी ताकत नहीं होगी, फिर भी वह जनता और निगम के बीच सक्रिय रूप से काम कर पाएंगे। यदि निगम चाहे तो पार्षदों को फंड भी दिया जा सकता है। ऐसे में वह वार्ड में विकास कार्य करा पाएंगे।
विशेष अधिकारी मेयर की तरह करते रहेंगे काम
जब तक मेयर का चुनाव नहीं हो जाता निगम के विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार ही मेयर की तरह एमसीडी का कामकाज संभालते रहेंगे। निगम आयुक्त एमसीडी के कामकाज से जुड़ी फाइलें उनके पास भेजते रहेंगे।