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महिला पत्रकार उत्पीड़न मामला: एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी का चार्ज देने का फैसला टला, खुद की थी ये मांग

Tue, 06 Oct 2026 02:34 AM IST
Digvijay Singh पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 06 Oct 2026 02:34 AM IST
सार

दिल्ली सरकार ने सोमवार देर रात एक अहम कदम उठाते हुए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस का 'करंट ड्यूटी चार्ज' सौंपने का निर्णय रोक दिया है। 

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Case of harassment of a female journalist Decision to assign Additional DCP charge to ACP Vivek Bhagat deferre
एसीपी विवेक भगत पर सरकार का फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार ने सोमवार देर रात एक अहम कदम उठाते हुए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस का 'करंट ड्यूटी चार्ज' सौंपने का निर्णय रोक दिया है। विवेक भगत पर हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है।

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आदेश और सरकार का स्पष्टीकरण
इससे पहले दिन के समय दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक आदेश में विवेक भगत समेत कुल 12 अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की घोषणा की गई थी। हालांकि, इस फैसले पर विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देने की यह प्रक्रिया गत 25 अगस्त को ही शुरू कर दी गई थी, जो कि हालिया घटनाओं से काफी पहले का मामला है। पांच अक्तूबर को आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद ही ये आदेश सामने आए थे।
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सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि करंट ड्यूटी चार्ज देना केवल एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है, जिससे संबंधित अधिकारी को कोई आर्थिक फायदा नहीं मिलता है और न ही वे नियमित पद वाले अधिकारियों की सभी वैधानिक जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन कर सकते हैं।
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खुद अधिकारी ने किया था अनुरोध
सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक, आरोपी एसीपी विवेक भगत ने स्वयं यह अनुरोध किया है कि जब तक महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती और वह संतोषजनक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचती, तब तक उन्हें यह अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। सरकार ने बताया है कि इसी अनुरोध के चलते पिछले आदेश में बदलाव किया जा रहा है और शेष 11 अधिकारियों को प्रभार सौंपने के संबंध में संशोधित आदेश फिर से जारी किया जाएगा।


क्या है पूरा घटनाक्रम?
तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं के विरोध में एक प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस को इस संबंध में शिकायतें मिल चुकी हैं, जिन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया गया है।

 

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