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Delhi News: उपराज्यपाल ने 57 किमी लंबे नजफगढ़ नाले का किया निरीक्षण, बोले- ईको-पर्यटन के लिए करेंगे काम
Sun, 05 Jun 2022 04:53 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 05 Jun 2022 04:53 AM IST
सार
निरीक्षण के दौरान एलजी बीच-बीच में पौधरोपण व नाले में पानी की मात्रा का निरीक्षण करने के लिए उतरे। इस दौरान उन्होंने गाद निकालने के कार्य, एसटीपी में सीवर का उपचार, पूरक नाली और नाली के मुहाने का भी निरीक्षण किया।
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विनय कुमार सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शनिवार को 57 किलोमीटर लंबे नजफगढ़ नाले का निरीक्षण किया। हरियाणा की सीमा छावला और ढांसा से शुरू होने वाले नाले का एलजी ने वजीराबाद तक यात्रा की। वजीराबाद पर यह नाला यमुना नदी में मिल जाता है।
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निरीक्षण के दौरान एलजी बीच-बीच में पौधरोपण व नाले में पानी की मात्रा का निरीक्षण करने के लिए उतरे। इस दौरान उन्होंने गाद निकालने के कार्य, एसटीपी में सीवर का उपचार, पूरक नाली और नाली के मुहाने का भी निरीक्षण किया। सक्सेना ने नजफगढ़ झील, पप्पन कलां, मोती नगर-सुदर्शन पार्क, बुराड़ी के सामने आउटर रिंग रोड के अलावा कई स्थानों पर तटबंधों पर कीकर के बजाय फूलों के पेड़ लगाने पर जोर दिया। उन्होंने पानी से जलकुंभी निकालने के भी निर्देश दिए।
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एलजी ने जोर देकर कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल समृद्ध जैव-विविधता से परिपूर्ण एक आत्मनिर्भर इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में पूरे खंड को विकसित करने में मदद करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि केवल उपचारित सीवेज को यमुना में छोड़ा जाए। इसके अलावा भूजल के माध्यम से जल संरक्षण के मुद्दे की भी समस्या का भी हल करेंगे। एलजी ने कहा कि सिविक एजेंसियों व विभाग के संयुक्त प्रयास दिल्ली को विश्व स्तर के शहरों की उच्च तालिका पर अपना सही स्थान प्राप्त करने के लिए मदद करेंगे।
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उपराज्यपाल ने कहा कि नजफगढ़ नाले को पसंदीदा ईको- पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए अगले सप्ताह मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई जाएगी। साथ ही जल संरक्षण और जलभराव के मुद्दों पर दीर्घकालिक हल पर चर्चा करेंगे।