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सीमाओं से पीछे 20 किलोमीटर से भी अधिक लंबी वाहनों की कतार
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गाजीपुर बॉर्डर पर रैली के लिए तैयार खड़े ट्रैक्टर।
- फोटो : Ashram
नई दिल्ली। किसानों की ओर से गणतंत्र दिवस पर निकाली जाने वाले ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए टीकरी बॉर्डर से करीब 20 किलोमीटर पीछे तक ट्रैक्टरों की लाइन लग गई है। सिंघु से कुंडली की तरफ भी कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी है। ऐसे में सभी सीमाओं से ट्रैक्टरों के लिए लाइन में चलना और फिर लौटने में घंटों वक्त लगेगा। इस दौरान उन सड़कों पर आवाजाही में दिक्कत न हो इसके लिए हर 100 मीटर की दूरी पर वॉलंटियर तैनात किए जा रहे हैं। एक सीमा से तय रूट पर 100 किलोमीटर तक के दायरे के लिए रोडमैप तैयार कर लिया गया है। किसान मोर्चा की ओर से जारी हिदायतों का पालन करते हुए इतने बड़े स्तर पर पहली बार होने वाले इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुचारू बनाए रखने के लिए संगठनों की तरफ से सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
टीकरी बॉर्डर पर तैनात अलग-अलगा राज्यों से आए इंजीनियर, जिन्होंने किसानों के आंदोलन का न केवल समर्थन किया बल्कि ट्रैक्टर रैली के लिए टीकरी बॉर्डर पर किसान सोशल आर्मी का गठन कर दिया। पिछले दिनों 1000 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें बताया कि एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों को कैसे सुनियोजित तरीके से परेड के दौरान चलना है।ष इसके लिए पंजाब-हरियाणा की 25-25 टीमें बनाई गई हैं। एक टीम में 20-20 सदस्य होंगे।
लगातार संपर्क में रहेंगे को-ऑर्डिनेटर
टीम के सदस्यों के बीच आपसी संपर्क बनाए रखने और परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रत्येक टीम के लिए एक-एक को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या जरूरत पड़ने पर तत्काल वॉकी टॉकी से संपर्क कर परेशानी को दूर करेंगे ताकि परेड के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।
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बात आगे पहुंचाने के लिए किया किसान सोशल आर्मी का गठन
किसान सोशल आर्मी के संस्थापक अनूप सिंह ने बताया कि परेड में शामिल होने वालों के साथ सभी वॉलंटियर संपर्क में रहेंगे। किसान आंदोलन की शुरुआत होने पर यह महसूस किया कि उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है। इसे देखते हुए पहले व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और अब संस्था के एक लाख से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि किसानों की बात सरकार और सभी लोगों तक पहुंचे। परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए वॉलंटियर तैनात किए जा रहे हैं, जिन्हें ट्रेनिंग दी जा चुकी है। संस्थापक सदस्य अंकुर ने बताया कि किसान सोशल आर्मी की ओर से एक हजार स्वयंसेवकों की नियुक्ति इसलिए की गई है ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाए रखने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन बहादुरगढ़ के आगे पहुंच चुकी है और सुबह तक सांपला तक पहुंचने की संभावना है।
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टीकरी बॉर्डर पर तैनात अलग-अलगा राज्यों से आए इंजीनियर, जिन्होंने किसानों के आंदोलन का न केवल समर्थन किया बल्कि ट्रैक्टर रैली के लिए टीकरी बॉर्डर पर किसान सोशल आर्मी का गठन कर दिया। पिछले दिनों 1000 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें बताया कि एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों को कैसे सुनियोजित तरीके से परेड के दौरान चलना है।ष इसके लिए पंजाब-हरियाणा की 25-25 टीमें बनाई गई हैं। एक टीम में 20-20 सदस्य होंगे।
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लगातार संपर्क में रहेंगे को-ऑर्डिनेटर
टीम के सदस्यों के बीच आपसी संपर्क बनाए रखने और परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रत्येक टीम के लिए एक-एक को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या जरूरत पड़ने पर तत्काल वॉकी टॉकी से संपर्क कर परेशानी को दूर करेंगे ताकि परेड के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।
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बात आगे पहुंचाने के लिए किया किसान सोशल आर्मी का गठन
किसान सोशल आर्मी के संस्थापक अनूप सिंह ने बताया कि परेड में शामिल होने वालों के साथ सभी वॉलंटियर संपर्क में रहेंगे। किसान आंदोलन की शुरुआत होने पर यह महसूस किया कि उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है। इसे देखते हुए पहले व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और अब संस्था के एक लाख से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि किसानों की बात सरकार और सभी लोगों तक पहुंचे। परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए वॉलंटियर तैनात किए जा रहे हैं, जिन्हें ट्रेनिंग दी जा चुकी है। संस्थापक सदस्य अंकुर ने बताया कि किसान सोशल आर्मी की ओर से एक हजार स्वयंसेवकों की नियुक्ति इसलिए की गई है ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाए रखने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन बहादुरगढ़ के आगे पहुंच चुकी है और सुबह तक सांपला तक पहुंचने की संभावना है।