फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Life-saving oxygen is produced at -183 degree temperature

आप भी जानिए : -183 डिग्री तापमान पर बनती है जीवनरक्षक ऑक्सीजन

Fri, 23 Apr 2021 05:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 23 Apr 2021 05:38 AM IST
सार

  • फेफड़ों के नुकसान से कोविड काल में 15-20 फीसदी लोगों को पड़ रही ऑक्सीजन की जरूरत
  • इस वक्त 25 हजार मामले आने से बढ़ी मांग

विज्ञापन
Life-saving oxygen is produced at -183 degree temperature
देश में ऑक्सीजन की है इस समय किल्लत... - फोटो : pixabay

विस्तार

राजधानी में कोरोना से हालात भयानक रूप ले चुके हैं। संक्रमण से जूझ रहे मरीजों की जान बचाने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की काफी जरूरत पड़ रही है। ऑक्सीजन के लिए दुकानों और बड़ी-बड़ी कंपनियों के बाहर लोगों की कतारें लग रही है। इससे इसकी खपत भी तीन गुना बढ़ गई है। हर समय ऑक्सीजन मरीजों के लिए सबसे अहम बन गया है। ऐसे में  आपको बताते हैं कि ये मेडिकल ऑक्सीजन क्या होती है? कैसे बनती है और कैसे अस्पतालों तक पहुंचती है?
विज्ञापन


विशेषज्ञ बताते हैं कि  ऑक्सीजन हवा और पानी दोनों में मौजूद होती है।  वायुमंडल की हवा में 21 फीसदी ऑक्सीजन होती है और 78 प्रतिशत नाइट्रोजन। इनके अलावा भी वायुमंडल में कई प्रकार की गैस होती है। सबसे  पहले वायुमंडल ने शुद्ध ऑक्जीसन को अलग किया जाता है। हवा को काफी ठंडा करके ऑक्सीजन को अलग किया जाता है। इस दौरान हवा में  मौजूद धूल, मिट्टी व अन्य कण निकाल दिए जाते हैं।निकले हुए ऑक्सीजन को -183 डिग्री तापमान से ज्यादा  ठंडा करने पर यह एक तरल पदार्थ का रूप लेता है।इसे ही लिक्विड ऑक्सीजन कहा जाता है। इसे वैज्ञानिक तरीकों से  बड़े प्लांट में तैयार किया जाता है।  
विज्ञापन


इस मेडिकल ऑक्सीजन को बड़े से कैप्सूलनुमा टैंकर में भरकर अस्पताल पहुंचा दिया जाता है। अस्पताल में इसे मरीजों तक पहुंच रहे पाइप से जोड़ दिया जाता है.,लेकिन हर अस्पताल में तो ये सुविधा होती नहीं है, इसीलिए ऑक्सीजन के सिलेंडर बनाए जाते हैं।  इन सिलेंडरों में ऑक्सीजन भरी जाती है और इनको सीधे मरीज के बेड के पास तक पहुंचाया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यों हो रही है कमी
वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर विक्रम बताते हैं कि जितने भी लोग कोरोना से संक्रमित होते हैं। उनमें से सिर्फ 15 से 20 फीसदी लोगों को ही ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। दिल्ली में आई तीसरी लहर में रोजोना औसतन 6 हजार मामले आ रहे थे। इसका 15 फीसदी देखे तो रोजाना करीब 1 हजार लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती थी,लेकिन अब औसतन 25 हजार मामले आ रहे हैं, ऐसे में ऑक्सीजन वाले मरीजों की तादाद भी तीन गुना बढ़ गई है। अचानक बढ़ी मांग के हिसाब से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। यही कारण है कि दिल्ली इस समस्या हो झेल रही है। 

सरकार के आंकड़ो के हिसाब से देखें तो दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सजीन की जरूरत है। लेकिन इतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उधर, लोगों ने सिलेंडर खरीदने से कई जगह इनकी कमी भी हो गई है। ऑक्सीजन सप्लाई करने वालों को खाली सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं।लोगों के पास 4 से 6 फुट की क्षमता वाले सिलेंडर हैं। इनमें एक मरीज को ऑक्सीजन देने पर यह 20 घंटे में ही खत्म हो जाता है। ऐसे में लगातार बढ़ रहे मरीजों के कारण।यह समस्या विकराल रूप ले रही है। 

एक व्यक्ति को इतनी मात्रा में चाहिए ऑक्सीजन
हर व्यक्ति को 24 घंटे में करीब 590 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है, लेकिन कोविड के दौरान फेफड़ों के क्षतिग्रस्त होने से खपत बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन न मिलने पर व्यक्ति की जान भी जा सकती है। 

राजधानी में सक्रिय मरीजों की संख्या 91 हजार के पार
राजधानी में कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच सक्रिय मरीजों की संख्या 91 हजार के पार पहुंच गई है। यह नवंबर में आई तीसरी लहर के मुकाबले करीब तीन गुना है। पिछले 24 घंटे में  रिकॉर्ड 306 लोगों की  मौत हुई है। महामारी की शुरूआत के बाद यह आंकड़ा सबसे अधिक है।इससे कुल मौत की संख्या भी 13 हजार से अधिक हो गई है। बढ़ते मामलों के साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़कर 22 हजार हो गई है। हर दिन 500 से अधिक रेड जोन बन रहे हैं। 


स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार को संक्रमण के कुल 26,169 मामले आए, और 19,609 लोग स्वस्थ हुए, दिल्ली में अब कुल मरीजों की संख्या 9,56,348 पहुंच गई है। इसमें से 8,51,537 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमण से मृत्युदर कम होकर 1.38 फीसदी हो गई है। वहीं, कुल संक्रमण दर 5.78 फीसदी है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed