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दिल्ली के सरकारी स्कूकों के लाखों विद्यार्थी बनेंगे उद्ममी

Mon, 06 Sep 2021 09:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 09:54 PM IST
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Lakhs of students of Delhi's government schools will become entrepreneurs
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार छात्रों में उद्यमी बनने के गुण विकसित करेगी। सरकारी स्कूलों में मंगलवार को आंत्रप्रिन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम के तहत बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम लांच किया जाएगा। 11वीं-12वीं के हर बच्चे को 2 हजार रुपये सीड मनी दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि करीब 3.5 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
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मनीष सिसोदिया ने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम पायलट फेज में काफी सफल रहा है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। केवल राह दिखाने मात्र से वे एक सफल आंत्रप्रिन्योर बन सकते हैं। देश में बेरोजगारी की समस्या से निपटने का एकमात्र उपाय आंत्रप्रिन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम है। दिल्ली के बच्चे आंत्रप्रिन्यूरियल माइंडसेट के साथ पढ़ाई पूरी करने के बाद जॉब सीकर के बजाय जॉब प्रोवाइडर बनकर इस समस्या को दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने 2019 में दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में इस कोर्स की शुरुआत की थी। इसका मकसद था कि वे नौकरी पाने वाले नहीं देने वाले बने। वे कहीं नौकरी के लिए जाएं तो उनमें इतनी योग्यता हो कि लाइन में न लगना पड़े, बल्कि नौकरी उनके पास आए।
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उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खिचड़ीपुर में बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम शुरू हुआ। इसमें 41 बच्चों के 9 ग्रुप बने। हर बच्चे को 1-1 हजार रुपये की सीड मनी दी गई। इसके बाद इन बच्चों ने जमकर मुनाफा कमाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में लोग बेरोजगारी का समाधान राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खोजते हैं कि ज्यादा से ज्यादा नौकरियां उपलब्ध कराई जाएं। मेरा मानना है कि सभी जॉब सीकर के रूप में निकलेंगे तो जॉब प्रोवाइडर कौन बनेगा। सीड मनी से बच्चे बिजनेस आइडिया सोच सकेंगे और उसे आगे बढ़ा सकेंगे। इससे उनमें आत्मविश्वास आएगा।
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ये रहे पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे
. डिवाइन क्रिएशन : 2 बच्चे शामिल, 2000 रुपये सीड मनी मिली, हैंडमेड पेंटिंग बेचकर 24,750 रुपये कमाए।
. मोबीसाइट : 8 बच्चे शामिल, 8000 रुपये सीड मनी मिली, रीफर्बिश्ड मोबाइल फोन ठीक कर 21,960 रुपये कमाए।
. टैप एंड ड्रॉ : 5 बच्चे शामिल, 5000 रुपये सीड मनी मिली, स्केच बनाकर 11,480 रुपये की कमाई।
. होम 2 क्रिएशन : 2 बच्चे शामिल, 2000 रुपये सीड मनी मिली। हैंडक्राफ्ट बनाकर 9,580 रुपये कमाए।
. लोनाल्ट्स : 5 बच्चे शामिल, 5000 रुपये सीड मनी मिली। ओटीटी प्लेटफार्म के लिए काम कर 6,950 रुपये कमाए।
. इंक फैमिली : 9 बच्चे शामिल, 9000 रुपये सीड मनी मिली। शर्ट, मग, मास्क, की-चेन बेचकर 3,830 रुपये कमाए।
. हेबी नेचुरल्स - 3 बच्चे शामिल, 3000 रूपये सीड मनी मिली। खाद बनाकर 3,580 रुपये कमाए।
. क्राफ्ट कॉटेज : 2 बच्चे शामिल, 2000 रुपये सीड मनी मिली। हैंडमेड जूलरी बेचकर 1,865 रुपया कमाए।
. स्पीकस्टर्स : 5 बच्चे शामिल, 5000 रुपये सीड-मनी मिली। ब्लूटूथ स्पीकर बनाकर 650 रुपये का लाभ कमाया।
(आंकड़े उपमुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक)
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