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दिल्ली : केजरीवाल का दावा- पांच साल में पूरा करेंगे 20 लाख रोजगार देने का लक्ष्य, मंत्री-विभागों को निर्देश

Sat, 09 Apr 2022 04:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 09 Apr 2022 04:57 AM IST
सार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रोजगार बजट में की गई घोषणाओं को हकीकत में तब्दील करने को लेकर सभी मंत्रियों और सभी विभागों के अधिकारियों को पूरी गंभीरता से लक्ष्य और समय सीमा के अंदर काम करने के निर्देश दिए।

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Kejriwal claims said that he will fulfill the target of providing 20 lakh jobs in five years
अरविंद केजरीवाल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली सरकार ने रोजगार बजट को धरातल पर उतारने के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रोजगार बजट में की गई घोषणाओं को हकीकत में तब्दील करने को लेकर सभी मंत्रियों और सभी विभागों के अधिकारियों को पूरी गंभीरता से लक्ष्य और समय सीमा के अंदर काम करने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

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केजरीवाल ने कहा कि इस बजट में अगले पांच साल में 20 लाख रोजगार तैयार करने का लक्ष्य रखा है। ऐसा काम देश में पहली बार हो रहा है। दरअसल आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की ही है। दिल्ली सरकार का बजट प्रस्तुत होने के बाद पूरा देश उसकी ओर उसी तरह देख रहा है जैसे शिक्षा-स्वास्थ्य, बिजली-पानी की व्यवस्था को लेकर दिल्ली की तरफ देखा जा रहा है। दिल्ली सरकार ऐसे ही रोजगार का समाधान भी देगी।
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बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सभी विभाग प्रमुखों को समय सीमा के अंदर अपने विभाग में तेजी से फाइल की प्रोसेसिंग और निर्णय लेना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 26 मार्च को विधानसभा में रोजगार बजट पेश कर युवाओं को अगले पांच साल में 20 लाख रोजगार देने का खाका प्रस्तुत किया था। बैठक में सभी संबंधित अधिकारी अपनी प्रगति रिपोर्ट के साथ शामिल हुए और रोजगार पैदा किए जाने वाले क्षेत्रों के बारे में अवगत कराया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय, मुख्य सचिव समेत संबंधित विभागों वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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कई सेक्टरों को चिह्नित किया
दिल्ली सरकार ने 20 लाख नए रोजगार पैदा करने के लिए कई सेक्टरों को चिह्नित किया है और उस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इन सेक्टरों में रिटेल सेक्टर, फूड एंड ब्रेवरीज सेक्टर, लॉजिस्टिक एंड सप्लाई चेन, ट्रेवल एंड टूरिज्म, एंटरटेनमेंट, कंस्ट्रक्शन, रियल स्टेट, ग्रीन एनर्जी सेक्टर आदि शामिल हैं।

खरीदारी और फूड हब बनाने की योजना
दिल्ली को अनुभावात्मक खरीदारी और फूड हब बनाने के लिए ग्रेड ए रिटेल और फूड स्पेस योजना लाई जाएगी। परिवहन विभाग मॉल्स और उच्च गुणवत्ता वाले भोजन की मांग को पूरा करने के लिए यह योजना शुरू करेगा। ग्रेड ए रिटेल और फूड स्पेस योजना के तहत बस डिपो की मौजूदा जमीन का इस्तेमाल विश्व स्तरीय फूड और रिटेल हब की स्थापना के लिए किया जाएगा, जिसमें 50 हजार नौकरियां पैदा करने की क्षमता होगी। दिल्ली सरकार आगामी दिनों में फूड ट्रक पॉलिसी भी लाएगी। पर्यटन विभाग इसके जरिये दिल्ली में रेस्तरां और कैफे के लिए व्यवसायिक अवसरों को बढ़ावा देने, बाजार का आकार बढ़ाने, स्वादिष्ट भोजन और यूनिक फूड कंसेंप्ट को बढ़ावा देने पर काम करेगा। इससे 1,500 नए रोजगार पैदा पैदा होने की संभावना है। दिल्ली सरकार की क्लाउड किचन पॉलिसी भी लाने की योजना है। डीएसआईआईडीसी और उद्योग विभाग इसका नेतृत्व करेंगे। इस पॉलिसी में केवल डिलीवरी रसोई स्थापित की जाएगी। इसके तहत 30 हजार नौकरियां दी जा सकेंगी।

प्रसिद्ध पांच मार्केट को पुनर्विकसित किया जाएगा
दिल्ली की प्रसिद्ध पांच मार्केट चिह्नित की गई हैं। इन मार्केट को पूरी तरह पुनर्विकसित किया जाएगा, जिससे वहां बड़े स्तर पर कारोबार बढ़ेगा। दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन भी होगा, जहां बिक्री, मनोरंजन और भोजन पर आकर्षक योजनाएं और खरीदारों को भारी छूट की पेशकश की जाएगी। दिल्ली सरकार एसजीएसटी रिफंड के माध्यम से छूट को सक्षम करेगी। शॉपिंग फेस्टिवल में पांच वर्षों में 1.2 लाख नौकरियां पैदा करने की क्षमता है। इसके अलावा दिल्ली को पहले की तरह फिर से होल सेल मार्केट बनाया जाएगा और दिल्ली होल सेल फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा।

गांधीनगर को ग्रैंड गारमेंट हब बनाने की योजना
गांधी नगर गारमेंट का हब रहा है। अब इसे ग्रैंड गारमेंट हब बनाया जाएगा। सरकार की योजना है कि गांधी नगर में विनिर्माण इकाइयों और खुदरा बाजार दोनों का पुनर्विकास और प्रचार किया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्योग विभाग और डीएसआईआईडीसी खुदरा, थोक व्यापार और मैनुफैक्चरिंग से जुड़े 8.25 लाख से अधिक रोजगार के अवसर विकसित करना है। साथ ही 10 हजार मैनुफैक्चरिंग इकाइयों का विकास किया जाएगा। इससे पांच वर्षों में 43 हजार नए रोजगार पैदा किए जाएंगे।

रोजगार बाजार 2.0 लांच होगा
दिल्ली सरकार ने कोविड के दौरान रोजगार बाजार पोर्टल लांच किया था। उसकी सफलता के बाद सरकार अब रोजगार बाजार 2.0 लांच करेगी, जिसका संचालन रोजगार विभाग और दिल्ली सरकार के डीएसईयू करेंगे। इसका उद्देश्य दिल्ली में नौकरी तलाशने वालों और नौकरी देने वालों को एक प्लेटफॉर्म पर मिलाना है।

सौर नीति के माध्यम से हरित रोजगार
दिल्ली सरकार सोलर पॉलिसी के माध्यम से हरित रोजगार भी पैदा करेगी। आगामी पांच वर्षों में 2500 मेगावाट (पीक) सौर ऊर्जा के प्लांट स्थापित कर 10 हजार रोजगार पैदा किए जाएंगे। स्मार्ट अर्बन फार्मिंग पहल में पांच वर्षों में 25 हजार नौकरियां पैदा की जाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के      तहत दिल्ली भर में चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करके अगले पांच वर्षों    में 25 हजार नौकरियां सृजित की जाएंगी।

नॉन-कंफर्मिंग अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास होगा
उद्योग विभाग नॉन कंफर्मिंग अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास करेगा। यहां बड़े पैमाने पर 15.55 लाख से अधिक नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।  आगामी पांच साल में छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दिल्ली सरकार का उद्योग विभाग इलेक्ट्रॉनिक सिटी परियोजना की देखरेख करेगा। इसके जरिये भविष्य में ‘ग्रीन क्लीन सस्टेनेबल’ उद्योगों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। यह एमएसएमई घटना निर्माताओं को एंकर इकाइयों के आसपास क्लस्टर करने की सुविधा प्रदान करेगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा। इस क्षेत्र में 85 हजार रोजगार सृजित होंगे। दिल्ली स्टार्टअप पॉलिसी’ की देखरेख उद्योग विभाग और डीएसआईआईडीसी करेगा। दिल्ली स्टार्टअप नीति के तहत सरकार का लक्ष्य दिल्ली के लिए एक विशिष्ट स्टार्टअप पॉलिसी विकसित करके इसको स्टार्टअप का केंद्र बनाना है, जिसमें पांच वर्षों में नौ लाख नौकरियां पैदा करने की क्षमता है।

दिल्ली फिल्म पॉलिसी भी बनाई जाएगी
दिल्ली सरकार दिल्ली फिल्म पॉलिसी बना रही है और दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। दिल्ली में फिल्म शूटिंग के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लोगों को सहूलियत देने के लिए सरकार एकल खिड़की बनाएगी और दिल्ली को फिल्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित करेगी। इसमें भी काफी रोजगार पैदा होने की संभावना है।


‘द सिटी ऑफ बिजनेस’ के रूप में री-ब्रांड
दिल्ली सरकार मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों में बेकार और बंजर पड़ी जमीन को औद्योगिक क्षेत्रों की विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और वैकल्पिक चीजों के लिए इस्तेमाल करेगी। औद्योगिक गतिविधियों और मैन्यूफैक्चरिंग के चलते लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके माध्यम से दिल्ली सरकार दिल्ली को ‘द सिटी ऑफ बिजनेस’ के रूप में री-ब्रांड और रिप्लेस करेगी।

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