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Target killing: टारगेट किलिंग के खिलाफ जंतर-मंतर पर कश्मीरी पंडितों का प्रदर्शन, एक दिन का अनशन भी किया
Sun, 05 Jun 2022 03:45 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 05 Jun 2022 03:45 AM IST
सार
टारगेट किलिंग के खिलाफ जंतर-मंतर पर कश्मीरी पंडितों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एक दिन का अनशन भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि घाटी में बच्चों को सुरक्षा मिले और उन्हें सुरक्षित जगह पर भेजा जाए। कश्मीर के इस्लामीकरण को रोकने की जरूरत है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में बढ़ते टारगेट किलिंग के खिलाफ शनिवार को कश्मीरी पंडितों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। सभी प्रदर्शनकारी दिल्ली के रहने वाले थे। इन लोगों ने ने एक दिन का अनशन भी किया। आतंकी कार्रवाई की निंदा करते हुए कश्मीरी पंडितों ने कहा कि कश्मीर में इस वक्त हिंदुओं और गैर कश्मीरियों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही मांग की कि उनके बच्चों को या तो सरकार सुरक्षा मुहैया कराए या फिर उनको दूसरी किसी सुरक्षित जगह पर भेज दे। जंतर मंतर पर एकत्रित कश्मीरी पंडितों का कहना है कि कश्मीर के इस्लामीकरण को रोकने की जरूरत है।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कश्मीर फाइल्स के जरिये जब से 1990 के आतंक की सच्चाई देश व दुनिया के सामने उजागर हुई है, उसके बाद से आतंकी बौखलाए हुए हैं। दोबारा से अपनी ताकत हासिल करने के लिए वह कश्मीरी पंडितों को निशाना बना बना रहे हैं। प्रदर्शनकारी राजेश कुमार ने बताया कि आतंकियों को परेशानी सच से हुई है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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कश्मीरी पंडित एस के गुंजन ने बताया कि आज फिर से 90 के देश के हालात बन गए हैं। गुंजन के छोटे भाई को उस वक्त आतंकवादियों ने मार दिया था जब वह कश्मीर में काम करते थे। उन्होंने बताया कि आज भी वैसे ही हालात हैं।
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