मिशन एडमिशन : जेईई, नीट, बीएमएस, बीबीई के नतीजे खोलेंगे डीयू में एंट्री के रास्ते
प्रतियोगी परीक्षाओं के रिजल्ट के बाद कॉलेजों में दाखिले रद होने से सीटें होंगी खाली। इसीलिए चौथी कटऑफ बना सकती है कुछ कोर्सेज में दाखिले की ज्यादा संभावना।
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दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) के स्नातक कोर्सेज की 70 हजार सीटों पर दाखिले की पहली लिस्ट में ही रिकॉर्ड आधी से अधिक सीटें ( 36,130) भर गई हैं। ऐसे में डीयू केकई नामी कॉलेजों केपॉपुलर कोर्सेज की राह छात्रों के लिए कठिन हो गई है। सीटों केइस आंकड़े को देखते हुए छात्रों को निराश होने की जरुरत नहीं है। दरअसल, जेईई, नीट, बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडी(बीएमएस), बैचलर इन बिजनेस इकोनॉमिक्स(बीबीई), व डीयू के अन्य प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्सेज के नतीजे डीयू में छात्रों की दाखिले की राह को आसान कर सकते हैं।
नीट, जेईई, बीएमएस, बीबीई, व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजे आते ही कई कोर्सेज में सीटें खाली होनी शुरु होंगी। इनमें दाखिला लेने के लिए सामान्य से लेकर अन्य वर्ग के विद्यार्थी अपनी पहले की सीट छोड़ेंगे। पहली कट ऑफ केदाखिले टे्रंड में नजर आ रहा है कि कई कॉलेजों में बीए प्रोग्राम(कॉम्बिनेशन), राजनीति विज्ञान, बीकॉम में काफी अधिक दाखिले हो गए हैं। दरअसल इन कोर्सेज की सीटें साइंस व कॉमर्स के अधिक अंक वालों ने भर दी है। वहीं सीट ब्लॉक करने केकारण भी सीटें भर गई हैं।
डीयू दाखिला समिति चेयरमैन प्रो राजीव गुप्ता कहते हैं कि पहली कट ऑफ में भले ही तेजी से सीटें भर गई हों लेकिन अभी नीट, जेईई, व डीयू के प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्सेज केनतीजे जारी होने हैं। अभी अधिक अंक वालों ने सीटें भरी हैं। लेकिन राहत यह होगी कि जब नतीजे आएंगे तब छात्र अपनी सीट छोडेंगे और शिफ्ट होंगे। इससे चौथी कट ऑफ में कुछ कोर्सेज में दाखिले की गुजाइंश होगी साथ ही अधिक हो रहे दाखिले में भी स्थिरता आएगी।
जेईई एडवांस के नतीजे 15 अक्तूबर तक जारी होने हैं। नीट व डीयू केप्रवेश परीक्षा आधारित कोर्सेज केनतीजे भी अक्तूबर में जारी हो जाएंगे। ऐसे में छात्र इन कोर्सेज में दाखिले होने पर डीयू की अपनी सीट को छोड़ेंगे। श्री अरबिंदो कॉलेज प्रिंसिपल डॉ विपिन अग्रवाल कहते हैं कि अभी भले ही कुछ कोर्सेज में अधिक दाखिले हो गए हैं। लेकिन जब दाखिले रद होने शुरू होंगे तो छात्रों के लिए दाखिले के अवसर बन सकते हैं। बीते सालों में देखने में आया है कि डीयू के बीएमएस का रिजल्ट जारी होते ही छात्र बीकॉम व बीकॉम ऑनर्स से दाखिला रद कराते हैं।
दाखिला रद करने से पहले देखें, दूसरे कॉलेज में दाखिला हो रहा है या नहीं
दिल्ली विश्वविद्यालय में दूसरी कट ऑफ जारी हो चुकी है। ऐसे में कई छात्र ऐसे होंगे जो बेहतर कॉलेज व कोर्स की चाह में पहली लिस्ट का दाखिला दूसरी लिस्ट में रद्द कराएंगे। दाखिला विशेषज्ञों की सलाह है कि दाखिला रद कराने से पहले यह जरुर देखें कि दूसरे कॉलेज में दाखिला रद हो रहा है या नहीं। उसके बाद ही दाखिला रद कराएं। दाखिला रद कराने के लिए छात्रों को एक हजार रुपये की फीस का भुगतान करना होगा। दाखिला रद करने के लिए छात्रों को एक प्रक्रिया को पूरा करना है।
दाखिला रद कराने का तरीका
1. दूसरी कट ऑफ में दाखिला लेना चाहते हैं और पहली कट ऑफ लिस्ट में दाखिला लिया हुआ है तो पहले पहली कट ऑफ लिस्ट का दाखिला रद्द कराना होगा।
2. इसके लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही है, जिसे छात्र को दाखिला पोर्टल पर जाकर पूरा करना होगा।
3. जिस कॉलेज में दाखिला लिया था उसी में रद करने के लिए आवेदन करना होगा। इसकेसाथ ही रद करने की फीस का भुगतान करना होगा।
4. अब नई जगह दाखिला लेने के लिए दुबारा से पोर्टल पर जाकर कॉलेज व कोर्स का चयन करना होगा।
5. पहली कट ऑफ में दाखिल लिया लेकिन फीस जमा नहीं कराई, तब भी दाखिला रद कराना होगा। तब ही दूसरी कट ऑफ में दाखिला ले सकेंगे।