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Delhi News: आईएलबीएस अस्पताल पर ईडब्ल्यूएस मरीज को दवा न देने का आरोप
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सोशल मीडिया पर मरीज का वीडियो वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वसंत कुंज स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) अस्पताल पर ईडब्ल्यूएस मरीज को दवा न देने का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। वीडियो में पवन नाम का मरीज कह रहा है कि मैं आईएलबीएस अस्पताल में उपचार करवा रहा हूं। यहां पर जो दवा लिखी गई है वह बहुत महंगी है। कंपनी में सुरक्षाकर्मी हूं, इसलिए यह दवा लेना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, यदि मैं दवा लेता हूं तो जीवन यापन करना कठिन हो जाएगा। मुझे अस्पताल से किसी प्रकार से दवा उपलब्ध करवाई जाए। बता दें कि मरीज चंद्र विहार का रहने वाला है। मरीज के अनुसार, डॉक्टर ने लिवर को डैमेज बताया है। अस्पताल की ओपीडी में दिखाने के लिए ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत पंजीकरण कराया था।
वहीं दिल्ली हाईकोर्ट फ्री बेड इंस्पेक्शन कमेटी के सदस्य अशोक अग्रवाल ने बताया कि यह अस्पताल दिल्ली सरकार का है। अस्पताल में भर्ती मरीज को दवा मिलती है, लेकिन ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले ईडब्ल्यूएस मरीजों को खुद से दवा खरीदनी पड़ती है, जबकि ईडब्ल्यूएस मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
यह बोला अस्पताल प्रबंधन
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत केवल भर्ती मरीजों को ही अस्पताल में दवा निशुल्क मिलती है। ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निशुल्क दवा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वसंत कुंज स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) अस्पताल पर ईडब्ल्यूएस मरीज को दवा न देने का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। वीडियो में पवन नाम का मरीज कह रहा है कि मैं आईएलबीएस अस्पताल में उपचार करवा रहा हूं। यहां पर जो दवा लिखी गई है वह बहुत महंगी है। कंपनी में सुरक्षाकर्मी हूं, इसलिए यह दवा लेना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, यदि मैं दवा लेता हूं तो जीवन यापन करना कठिन हो जाएगा। मुझे अस्पताल से किसी प्रकार से दवा उपलब्ध करवाई जाए। बता दें कि मरीज चंद्र विहार का रहने वाला है। मरीज के अनुसार, डॉक्टर ने लिवर को डैमेज बताया है। अस्पताल की ओपीडी में दिखाने के लिए ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत पंजीकरण कराया था।
वहीं दिल्ली हाईकोर्ट फ्री बेड इंस्पेक्शन कमेटी के सदस्य अशोक अग्रवाल ने बताया कि यह अस्पताल दिल्ली सरकार का है। अस्पताल में भर्ती मरीज को दवा मिलती है, लेकिन ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले ईडब्ल्यूएस मरीजों को खुद से दवा खरीदनी पड़ती है, जबकि ईडब्ल्यूएस मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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यह बोला अस्पताल प्रबंधन
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत केवल भर्ती मरीजों को ही अस्पताल में दवा निशुल्क मिलती है। ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निशुल्क दवा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
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