आईआईटी दिल्ली: जेईई एडवांस से दाखिला लेने वाले टॉप पांच छात्रों को मिलेगी छात्रवृति, पूर्व छात्र डॉ. अमित सिन्हा ने एंडोमेंट फंड में दिए 10 करोड़
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव ने पूर्व छात्र डॉ. अमित व उनकी पत्नी के इस सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों के सहयोग से संस्थान और छात्रों के विकास पर काम हो रहा है।
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आईआईटी दिल्ली अपने कैंपस में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में जेईई एडवांस से दाखिला लेने वाले टॉप पांच छात्रों की स्कॉलशिप देगा। इसमें लड़का या लड़की कोई भी हो सकते हैं। लेकिन इसमें से एक छात्रा को भी शामिल किया जाएगा। दरअसल आईआईटी दिल्ली के 1998 सत्र के बीटेक इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र डॉ. अमित गुप्ता और उनकी पत्नी दीपाली गुप्ता ने संस्थान को सिन्हा फांउडेशन की ओर से 10 करोड़ (1.34 मिलियन यूएस डॉलर) एंडामेंट फंड में दिए हैं। इस पैसे का उपयोग छात्रों के विकास, फेलोशिप व स्कॉलरशिप पर किया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव ने पूर्व छात्र डॉ. अमित व उनकी पत्नी के इस सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों के सहयोग से संस्थान और छात्रों के विकास पर काम हो रहा है। आईआईटी दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस पूरे पैसे का प्रयोग शिक्षा में सहयोग पर खर्च होगा। इससे आईआईट दिल्ली बीटेक में दाखिला लेने वाले टॉप पाच छात्रों को स्कॉलरशिप देगा। इसमें टयूशन फीस, हॉस्टल, मैस आदि का खर्चा भी छात्र को नहीं देना होगा। इन पांच छात्रों में एक महिला छात्रों का भी लाभ मिलेगा, ताकि आईआईटी में बेटियों की संख्या बढ़ायी जा सके। यह स्कॉलरशिप इन पांच छात्रों को चारों साल स्नातक डिग्री पूरी होने तक मिलेगी। इसके अलावा 15 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों की भी मदद की जाएगी। इसमें तीसरे वर्ष इंटर्नशिप साइंस व एक्सचेंज प्रोग्राम शामिल होगा।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग चेयर से रिसर्च पर काम
कैंपस में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग चेयर भी स्थापित होंगी। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग चेयर के माध्यम से वायरलैस कम्युनिकेशन, रिन्यूवल एनर्जी, नैनोइलेक्ट्रिनिस आदि क्षेत्रों में रिसर्च को आगे बढ़ाने पर काम होगा। जबकि कंप्यूटर साइंस चेयर के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि क्षेत्रों में रिसर्च होगी।