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जमाखोरी, कालाबाजारी और साइबर धोखाधड़ी करने वाले लोग समाज के दुश्मन : एस. एन. श्रीवास्तव

Sun, 16 May 2021 01:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 01:28 AM IST
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hoarder and blackmarketers enemy of society says police commissioner
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी, अधिक शुल्क वसूली और साइबर धोखाधड़ी करने वाले लोग समाज के दुश्मन हैं। ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। शनिवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त एस. एन श्रीवास्तव ने यह बातें कहीं। वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोविड-19 के दौरान हो रहे अपराधों और कानून व्यवस्था की स्थिति पर समीक्षा बैठक कर रहे थे। पुलिस मुख्यालय के कांफ्रेंस हॉल से संचालित इस समीक्षा बैठक में तमाम वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल रूप से शामिल थे।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की निगरानी में जेलों की भीड़भाड़ कम की जा रही है। लेकिन पुलिस रिहा किए जा रहे इन अपराधियों की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर में दिल्ली में जमाखोरी, कालाबाजारी, अधिक शुल्क और साइबर धोखाधड़ी करने वालों पर नकेल कसने में सफलता मिली है। ऐसे अपराधियों से निपटने के लिए पुलिस की स्पेशल टीमें काम कर रही हैं।
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उन्होंने सभी डीसीपी को निर्देेश दिया कि जब्त की गई दवाओं, ऑक्सीजन सिलिंडर व दूसरे चिकित्सकीय उपकरणों से जुड़ी कानूनी कार्यवाही पूरी करने के बाद उन्हें जनहित में इस्तेमाल करने के लिए जारी करें।
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उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस लॉकडाउन में यातायात व्यवस्था को और मजबूत करे। ताकि अवांछित तत्व स्वतंत्र रूप से बाहर न घूम सकें। घर से निकलने वाले लोगों के पास बारीकी से जांचे जाएं। ऑक्सीजन रिफिलिंग स्टेशनों और श्मशान घाटों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए।
इसके अलावा लॉकडाउन में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में होने वाले अपराधों और अनैतिक गतिविधियों पर नजर रखी जाए। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि कोरोना महामारी में जिन पुलिस जवानों ने जान गंवाई है, जिला पुलिस इकाइयां और डीसीपी उनके परिवारों से संपर्क करें। उनके बच्चों और परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करें। परिवारों को मृत्यु लाभ भुगतान, बच्चों को स्कूल में प्रवेश और रिश्तेदारों को रोजगार जैसी सुविधाएं दिलाने के लिए हर संभव कार्य करें।
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