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21 लाख रुपये संपत्ति कर निर्धारण संबंधी उत्तरी एमसीडी का निर्णय खारिज

Sat, 31 Jul 2021 11:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 11:43 PM IST
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high court set aside north mcd order determining property tax of 21 lac rupees
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने एक संपत्ति का गलत मूल्यांकन कर 21 लाख रुपये से ज्यादा संपत्ति कर मांगने संबंधी उत्तरी एमसीडी के निर्णय को गलत ठहराया है। अदालत ने निगम को नए सिरे से याची की उपस्थिति में संपत्ति की पैमाइश कर संपत्ति कर निर्धारण करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने निगम को उसके बैंक से अटैच 18 लाख रुपये की राशि में आधी उसे तुरंत वापस करने का भी निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने निगम के समक्ष याची अमरपाली स्टील लिमिटेड ने आरोप लगाया कि निगम ने उसकी संपत्ति पर संपत्ति कर लगाने के लिए एक अप्रैल 2004 से आकलन किया है जबकि संपत्ति का निर्माण 2013 में किया गया है। इसके अलावा संपत्ति की पैमाइश उनकी अनुपस्थिति में की गई और उसे अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया। वहीं उसने निगम के पास तीन लाख रुपये जमा करवाए थे और उसका कोई हिसाब तक नहीं दिया।
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उन्होंने कहा निगम ने 10 जून 21 को नोटिस भेज कर संपत्ति कर, ब्याज व जुर्माना सहित 21,60,425 रुपये भरने को कहा। इसके बाद निगम ने उसके बैंक खाते को अटैच कर 18,86,291 की राशि वसूल ली। याची ने अदालत से आग्रह किया कि उसके मामले की नए सिरे से सुनवाई करने व बैंक से वसूली राशि वापस करने का निर्देश दिया जाए।
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अदालत ने उनके तर्क पर सहमति जताते हुए निगम के संपत्ति आकलन संबंधी 10 जून के फैसले को खारिज कर दिया। अदालत ने याची को 9 अगस्त को 11 बजे उप निर्धारक एवं कलेक्टर के समक्ष अपनी संपत्ति आकलन से संबंधित दस्तावेज के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत ने निगम अधिकारियों को याची की उपस्थित में संपत्ति की पैमाइश करने व नया आकलन आदेश पारित करने से पहले याची को व्यक्तिगत रूप से पक्ष रखने का मौका प्रदान करने को कहा है।

अदालत ने याची के बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि उनके खाते में 9,50,000 रुपये वापस किए जाएं और शेष राशि संपत्ति कर के नए आदेश तक बैंक में रखी जाए। अदालत ने उप निर्धारक और कलेक्टर को 9 अगस्त से दो महीने की अवधि के भीतर नए सिरे से मूल्यांकन आदेश पारित करने को कहा है।
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