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आसिफ इकबाल तन्हा की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब तलब
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने सुनवाई 12 मार्च तय की है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल व न्यायमूर्ति एजे भंभानी की खंडपीठ ने पुलिस को तीन सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याची की जमानत स्वीकार कर ली जाए। आरोपी तन्हा ने 26 अक्टूबर को निचली अदालत द्वारा उसकी जमानत याचिका को खारिज करने संबंधी फैसले को चुनौती दी है।
निचली अदालत ने 26 अक्तूबर के फैसले में कहा था कि तन्हा ने पूरी साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी और उन पर लगे आरोपों की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सुबूत हैं। तन्हा को दिल्ली दंगा मामले में मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था। तन्हा के अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने तर्क रखा कि उनका मुवक्किल मई 2020 से हिरासत में है और उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
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आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि तन्हा दंगों के दौरान दिल्ली में मौजूद नहीं था और किसी भी विरोध स्थल पर नहीं गया था, जहां हिंसा हुई थी। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा कर दिया जाए। वहीं पुलिस की तरफ से पेश हुए विशेष सरकारी वकील अमित महाजन ने जमानत याचिका का विरोध किया।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल व न्यायमूर्ति एजे भंभानी की खंडपीठ ने पुलिस को तीन सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याची की जमानत स्वीकार कर ली जाए। आरोपी तन्हा ने 26 अक्टूबर को निचली अदालत द्वारा उसकी जमानत याचिका को खारिज करने संबंधी फैसले को चुनौती दी है।
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निचली अदालत ने 26 अक्तूबर के फैसले में कहा था कि तन्हा ने पूरी साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी और उन पर लगे आरोपों की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सुबूत हैं। तन्हा को दिल्ली दंगा मामले में मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था। तन्हा के अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने तर्क रखा कि उनका मुवक्किल मई 2020 से हिरासत में है और उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
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आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि तन्हा दंगों के दौरान दिल्ली में मौजूद नहीं था और किसी भी विरोध स्थल पर नहीं गया था, जहां हिंसा हुई थी। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा कर दिया जाए। वहीं पुलिस की तरफ से पेश हुए विशेष सरकारी वकील अमित महाजन ने जमानत याचिका का विरोध किया।