{"_id":"60e748898ebc3ecadc7654b8","slug":"high-court-pulled-up-governement-over-non-payment-of-bills-of-lawyers-ashram-news-noi5923636133","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी वकीलों के बिलों का भुगतान न होने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी वकीलों के बिलों का भुगतान न होने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
विज्ञापन
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने सरकारी वकीलों के फीस के बिलों का समय पर भुगतान न होने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने दिल्ली सरकार के विधि सचिव को संबंधित विभागों के साथ बैठक करने और सरकार द्वारा नियुक्त वकीलों की फीस के भुगतान के लिए एक उचित केंद्रीकृत योजना लागू करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा कि सरकारी वकीलों को उनके द्वारा दी गई पेशेवर सेवाओं के भुगतान के लिए अंतहीन इंतजार नहीं करवाया जा सकता। अदालत ने कहा, इसलिए एक सुव्यवस्थित और केंद्रीकृत तंत्र होना चाहिए जिसके द्वारा वकीलों को उनकी पेशेवर सेवाओं के लिए भुगतान किया जा सके।
अदालत ने कहा यह सुनिश्चित होना चाहिए कि वकील को अपने बिल जमा करने के बाद भुगतान के लिए भटकना न पड़े और समय पर बिलों का भुगतान हो। अदालत ने विधि सचिव को 20 अगस्त को सुनवाई की अगली तारीख पर कार्यवाही में शामिल होने का भी निर्देश दिया है।
विज्ञापन
अदालत ने यह निर्देश वकील अंजना गोसैन की ओर से दायर आवेदन पर दिया। उन्होंने 17 फरवरी को उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इसके बावजूद बिलों का समय पर भुगतान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा अपनी पेशेवर सेवाओं के लिए अपने बिलों के भुगतान के लिए संबंधित अधिकारियों को ईमेल और अन्य माध्यम से संदेश भेजा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
अदालत ने 17 फरवरी को सरकार को याची के बिलों का छह सप्ताह में भुगतान करने का निर्देश दिया था। सरकार ने तर्क रखा था कि विभिन्न अथॉरिटी के पास बिल जाते हैं जिससे भुगतान में देरी हो जाती है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा कि सरकारी वकीलों को उनके द्वारा दी गई पेशेवर सेवाओं के भुगतान के लिए अंतहीन इंतजार नहीं करवाया जा सकता। अदालत ने कहा, इसलिए एक सुव्यवस्थित और केंद्रीकृत तंत्र होना चाहिए जिसके द्वारा वकीलों को उनकी पेशेवर सेवाओं के लिए भुगतान किया जा सके।
विज्ञापन
अदालत ने कहा यह सुनिश्चित होना चाहिए कि वकील को अपने बिल जमा करने के बाद भुगतान के लिए भटकना न पड़े और समय पर बिलों का भुगतान हो। अदालत ने विधि सचिव को 20 अगस्त को सुनवाई की अगली तारीख पर कार्यवाही में शामिल होने का भी निर्देश दिया है।
विज्ञापन
अदालत ने यह निर्देश वकील अंजना गोसैन की ओर से दायर आवेदन पर दिया। उन्होंने 17 फरवरी को उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इसके बावजूद बिलों का समय पर भुगतान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा अपनी पेशेवर सेवाओं के लिए अपने बिलों के भुगतान के लिए संबंधित अधिकारियों को ईमेल और अन्य माध्यम से संदेश भेजा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
अदालत ने 17 फरवरी को सरकार को याची के बिलों का छह सप्ताह में भुगतान करने का निर्देश दिया था। सरकार ने तर्क रखा था कि विभिन्न अथॉरिटी के पास बिल जाते हैं जिससे भुगतान में देरी हो जाती है।