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पेड़ों के काटने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Tue, 24 Nov 2020 12:21 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Tue, 24 Nov 2020 12:21 AM IST
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high court issues notice to delhi government on the cutting of more than 300 trees
delhi high court

हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में आयुर्विज्ञान नगर के पुनर्विकास के लिए 315 पेड़ों की कटाई व प्रत्यारोपण के आदेश के खिलाफ याचिका पर आप सरकार और अन्य से जवाब मांगा है। याचिका में वन उपायुक्त (दक्षिण) की ओर से 14 सितंबर 2020 को जारी आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए सुनवाई 11 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी। याचिकाकर्ता अभिषेक दत्त की ओर से वकील वरुण चोपड़ा के माध्यम से ये याचिका दायर की गई है।
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याची के वकील वरुण चोपड़ा ने दलील दी कि आयुर्विज्ञान नगर को विकसित करने के लिए लगभग 315 पेड़ काटे या प्रत्यारोपित किए जा रहे हैं, जो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पास हैं। चोपड़ा ने कहा कि कोविड-19 महामारी चल रही है और हवा की गुणवत्ता पहले से ही बहुत खराब है। इन 315 पेड़ों को हटाना लगभग 315 फेफड़े को खत्म करना और वायु की गुणवत्ता को खराब करना है।
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उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न अध्ययन हैं, जो बताते हैं कि पेड़ोंका प्रत्यारोपण बहुत सफल प्रक्रिया नहीं है और इसलिए दिल्ली सरकार द्वारा पारित उक्त आदेश पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। याचिका में कहा गया है कि उक्त आदेश में नई दिल्ली की वनस्पतियों और वृक्षों को पूरी तरह से नष्ट करने की अनुमति दी गई है, जो वायु प्रदूषण और गंभीर पर्यावरणीय चिंताओं की अनदेखी कर रहे हैं।

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