संजीवनी की जंग: दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं को जारी किया नोटिस, कहा- पूरे आंकड़े के साथ कोर्ट में हों उपस्थित
दिल्ली उच्च न्यायालय में आक्सीजन आपूर्ति समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। उच्च न्यायालय ने कहा कि दिल्ली में लोग कोरोना से ग्रसित हैं और ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने केंद्र से कहा कि आप ही इसका समाधान निकाले।
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दिल्ली उच्च न्यायालय में आक्सीजन आपूर्ति समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। इस दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि हमारे पास बेड उपलब्ध करा देने के लिए कई लोगों की कॉल आ रही है, कई लोग विनती कर रहे हैं, यहां तक कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता आपके पास भी कॉल आ रही है। उच्च न्यायालय ने कहा कि दिल्ली में लोग कोरोना से ग्रसित हैं और ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने केंद्र से कहा कि आप ही इसका समाधान निकाले।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी के सभी ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। उन्होंने अस्पतालों को की गई ऑक्सीजन की आपूर्ति के विस्तृत आंकड़ों के साथ अदालत के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है।Senior Advocate Rahul Mehra, appearing for Delhi Govt tells High Court that we (Delhi govt) are placed on the dock when Centre has failed miserably, some responsibility must be fixed on Centre, everything is an order on paper and there is a complete apathy for citizens of Delhi.
— ANI (@ANI) April 29, 2021विज्ञापन
Delhi High Court issues notice to all oxygen suppliers of the national capital asking them to be present before the court with detailed data on supplies made by them to hospitals
— ANI (@ANI) April 29, 2021
हाईकोर्ट से आग्रह- केंद्र दे 1000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राहुल मेहरा ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार को दिल्ली को हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के निर्देश दें। राहुल मेहरा ने उच्च न्यायालय को बताया कि 8 पीएसए प्लांटों में से दो पहले से ही चालू है और दो अप्रैल 30 तक चालू होने थे। बाकी के लिए दिल्ली सरकार ने अनुमति दी है। लेकिन कुछ प्राधिकरणों ने इसमें टांग अड़ा दी और कहा कि इममें कुछ बदलाव और अनुमोदन की आवश्यकता है।
केंद्र सिर्फ कागजों पर आदेश जारी करती है, तय हो जिम्मेदारी
दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने उच्च न्यायालय को बताया कि हमें उस समय नीचे रखा गया, जब केंद्र बुरी तरह से विफल हो गया। केंद्र सरकार पर कुछ जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। केंद्र सरकार सिर्फ कागजों पर आदेश जारी करती है। यह दिल्ली की जनता के प्रति पूर्ण रूप से उदासीनता है।