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'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान : हाफिजा बनी दिल्ली की पहली ‘नन्ही परी’
Sat, 11 Jun 2022 04:40 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 11 Jun 2022 04:40 AM IST
सार
जिलाधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, अगले सप्ताह से यह सुविधा उत्तर-पश्चिम जिले के आंबेडकर, दीप चंद बंधु और वाल्मीकि अस्पताल में भी शुरू हो जाएगी
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अपनी मां की गोद में हाफिजा...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के उत्तर-पश्चिम जिले में संजय गांधी अस्पताल से नन्ही परी अभियान की शुरुआत हो गई है। पहले दिन आठ बच्चियों ने योजना का लाभ उठाया। हाफिजा दिल्ली की पहली नन्ही परी बनी है। जन्म लेने के बाद बच्चियों के आधार कार्ड की नामांकन पर्ची, सुकन्या समृद्धि खाता व जन्म प्रमाण पत्र उनके अभिभावकों को सौंपा गया।
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शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी चेष्ठा यादव ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत नन्ही परी अभियान शुरू किया। स्त्री रोग व प्रसूति विभाग के पास प्रशासन की मदद से एक हेल्प डेस्क बनाया गया था, जहां अस्पताल में जन्म लेने वाली आठ बच्चियों का आधार नामांकन करने के साथ सुकन्या समृद्धि खाता, प्रधानमंत्री मातृत्व विकास योजना व लाडली योजना की सुविधा के साथ अभिभावकों को बच्ची के पदचिह्न व फोटो भेंट की गई।
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अगले सप्ताह तीन और अस्पतालों में सुविधा
जिलाधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, अगले सप्ताह से यह सुविधा उत्तर-पश्चिम जिले के आंबेडकर, दीप चंद बंधु और वाल्मीकि अस्पताल में भी शुरू हो जाएगी। इसके लिए नगर निगम व आधार प्राधिकरण के अधिकारियों को एक साथ लगाया गया है। ऐसे में अभिभावकों को अब बेटियों को लेकर केंद्र व दिल्ली सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।
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सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कराएं पंजीकरण
अस्पताल में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। इस बीच कभी भी हेल्प डेस्क पर अभिभावक पहुंच सकते हैं। वहीं, जिन बच्चियों का जन्म पहले हो गया है, उनके अभिभावक भी अस्पताल में पहुुंचकर सुविधा का लाभ ले सकते हैं, क्योंकि ऐसे अभिभावकों का रिकॉर्ड अस्पताल के पास पहले से है।