G20 Summit : निगम ने किया साफ- बरकरार रहेगी दिल्ली की सजावट, एनडीएमसी को फव्वारे चलाये रखने की चिंता
दिल्ली के लोगों के मन में इस तरह का सवाल उठ रहा है। अब तक लोगों ने ऐसा होते देखा है, लेकिन निगम ने साफ किया है कि सड़कों पर लगाए गए गमले, प्रतिमाएं व सजावट नहीं हटाई जाएगी। निगम ने ये काम स्थायी तौर पर कराए हैं।
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जी-20 सम्मेलन खत्म होने के बाद दिल्ली की सड़कें सुंदर दिखती रहेंगी या सड़कों पर की गई साजसज्जा अब प्रशासन हटा लेगा। दिल्ली के लोगों के मन में इस तरह का सवाल उठ रहा है। अब तक लोगों ने ऐसा होते देखा है, लेकिन निगम ने साफ किया है कि सड़कों पर लगाए गए गमले, प्रतिमाएं व सजावट नहीं हटाई जाएगी। निगम ने ये काम स्थायी तौर पर कराए हैं।
हालांकि निगम ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली के लोग भी सड़कों के किनारे रखे इन गमलों व कूड़ेदान आदि को संजोकर रखने में सहयोग करेंगे। रविवार को मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि निगम का विशेष सफाई अभियान साल भर चलेगा। दिल्ली को यूरोप के शहरों की तरह खूबसूरत बनाने के लिए विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया है। जल्द ही गलियों व सड़कों की सफाई की शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी। छह महीने में 12000 नए कचरा पॉइंट बने थे, जिन्हें खत्म किया गया है। अब ऐसे कचरा पॉइंट नहीं बनेंगे। इसके लिए एक समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। मेयर इसका नेतृत्व करेंगी।
खूबसूरत प्रतिमाओं को इन प्वाइंट पर देख पाएंगे
सम्मेलन को ध्यान में रखकर कई प्वाइंट को सुंदर प्रतिमाओं से सजाया गया है। लोधी होटल के पास, साउथ एक्स मार्केट, महिपालपुर, भैरों मार्ग, दिल्ली गेट, शहीदी पार्क आईटीओ आदि पर स्क्रैप से खूबसूरत गुलदस्ते, म्यूजिकल मास्टरपीस व फव्वारे आदि लगाए गए हैं। इन्हें लोगों ने बर्बाद नहीं किया तो ये स्थायी रूप से लोगों को देखने को मिलेंगे। जी-20 से पहले कनॉट प्लेस में लगाए गए गमलों को कुछ लोग उठाकर ले गए थे। प्रशासन को यहां फिर से गमले रखवाने पड़े थे।
मच्छर जनित बीमारियों से निपटने की चुनौती
निगम के सामने अब मच्छर जनित बीमारियों से निपटने की चुनौती है। प्रशासन चार हफ्ते से डेंगू व मलेरिया का बुलेटिन छिपा रहा है, लेकिन डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। निगम को ये भली भांति पता है कि इस साल बारिश अधिक हुई और मच्छरों से निपटना उसके लिए कठिन है, लेकिन समय से पहले फॉगिंग चालू कराना और लोगों को जागरूक करना इसका समाधान है।
फव्वारे चलाने की चिंता
एनडीएमसी ने सम्मेलन की तैयारी के सिलसिले में नई दिल्ली इलाके में लगाए फव्वारों के साथ-साथ पहले से लगे फव्वारों को अपने स्तर पर लगातार चलाने में हाथ खड़े कर दिए हैं। वह इन फव्वारों को चलाने में निजी कंपनी की मदद लेगी। दरअसल उसके पास इन फव्वारों को लगातार चलाने के लिए पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
एनडीएमसी इलाके में विभिन्न चौराहों व स्थानों पर 65 फव्वारे लगे हुए हैं। इनमें से 35 फव्वारे सम्मेलन के दौरान लगाए गए हैं, जबकि पहले से लगे 30 फव्वारों को ठीक किया गया है। इसमें से आधे से अधिक फव्वारे विभिन्न कारणों से बंद पड़े थे। खास तौर पर पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण ये फव्वारे नहीं चल रहे थे। हालांकि, अब उन्हें किसी तरह चला दिया, मगर उसकी यह व्यवस्था स्थायी नहीं है। वहीं, एनडीएमसी ने अब अपने सभी फव्वारे नियमित तौर पर चलाने का निर्णय लिया है। एनडीएमसी के अनुसार सभी फव्वारों को लगातार चलाने के लिए एक निजी कंपनी की मदद ली जाएगी। यह कंपनी इन फव्वारों को पानी की आपूर्ति करेगी। इसके अलावा उनका रखरखाव भी कंपनी ही करेगी।
अब स्कूलों, अस्पतालों व कार्यालयों को हराभरा करेंगे : एनडीएमसी ने नई दिल्ली इलाके की सड़कों को हरा भरा बनाने के लिए एक लाख से अधिक गमलों में पौधे तैयार किए थे। उसने ये गमले सम्मेलन में आए अतिथियों के ठहरने के लिए तय किए गए होटलों के आसपास व आवागमन वाली सड़कों के साथ आयोजन स्थल व कनाॅट प्लेस में रखे। इस दौरान कई स्थानों से उसके गमले चोरी भी हो गए थे। इसके मद्देनजर एनडीएमसी ने उन्हीं स्थानों पर गमले रखने का निर्णय लिया है, जहां उनकी चोरी न हो और पानी उपलब्ध हो। इसके अलावा अन्य गमलों को स्कूलों, अस्पतालों और एनडीएमसी के कार्यालयों में रखा जाएगा। वहीं, नर्सरी में भी इन गमलों का रखने का निर्णय लिया है।