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चिंता की बात : नार्को टेरेरिज्म से जुटाया जा रहा है खालिस्तान समर्थकों के लिए फंड
Sun, 11 Jul 2021 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
शुजात आलम, नई दिल्ली
शुजात आलम, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 11 Jul 2021 05:56 AM IST
सार
- 354 किलो हेरोइन बरामदगी का मामला
- मादक पदार्थों से होने वाली कमाई का होता है आतंकवाद में इस्तेमाल
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हेरोइन
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विस्तार
नोटबंदी के बाद से आतंकी गतिविधियां चलाने वालों को फंड के लाले पड़ गए हैं। ऐसे में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पड़ोसी देश की जासूसी एजेंसी आईएसआई व खालिस्तानी समर्थकों ने नार्को टेरेरिज्म का सहारा लिया है। इसके पीछे दोहरी साजिश है। पैसा जुटाकर देश में आतंक फैलाया जाए और नशा देकर युवा पीढ़ी को बर्बाद किया जाए। आतंकियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ड्रग्स से पैसा जुटाने का खेल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से चल रहा है।
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यह पैसा देश में आतंक को बढ़ावा देने में इस्तेमाल किया जाता है। नशा अफगानिस्तान में तैयार किया जाता है। मादक पदार्थों को पाकिस्तान के रास्ते पीओके लाया जाता है या फिर ईरान के रास्ते भारत भेजा जाता है। बरामद 354 किलोग्राम हेरोइन का कच्चा माल ईरान के रास्ते भारत में आया था। देश में मादक पदार्थ बेचकर आतंकी खालिस्तान समर्थकों के लिए फंड भी जुटा रहे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक अब तक हुई पूछताछ में कश्मीरी युवक रिजवान अहमद ने खुलासा किया है अफगानी नागरिक ईशा खान के पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी से संबंध है। कुछ समय तक ईशा भारत में ही था। यहां बैठकर वह अपना नेटवर्क चला रहा था। लेकिन पकड़े जाने के डर से वह अफगानिस्तान भाग गया। वहां से वह पड़ोसी देश के इशारे पर मादक पदार्थ या उसका कच्चा माल भारत भेजता है।
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इससे इकट्ठा हुआ फंड उनके गुर्गों को देश का माहौल खराब करने के लिए मुहैया करवाया जाता है। पूछताछ के दौरान गुुरप्रीत व गुरजीत ने बताया कि भारत में नारको टेरेरिज्म को नवप्रीत सिंह उर्फ नव पुर्तगाल से बढ़ावा दे रहा है। गुरप्रीत की उससे पंजाब की कपूरथला जेल में मुलाकात हुई थी। बाद में वह किसी तरह जेल से बाहर आया और विदेश भाग गया। वहां से लगातार मादक पदार्थों को बेचकर खालिस्तान के लिए फंड इकट्ठा किया जा जा रहा है।