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प्रधानमंत्री रोजगार योजना का झांसा देकर करोड़ों का फर्जीवाड़ा
Sun, 01 Dec 2019 02:21 AM IST
नोएडा ब्यूरो
राजीव कुमार, नई दिल्ली
राजीव कुमार, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 01 Dec 2019 02:21 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर रोजगार गारंटी का झांसा देकर एक कंपनी ने करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। कंपनी ने खुद बनाओ-खुद कमाओ का प्रलोभन देकर सैकड़ों लोगों को एक मशीन देने और उससे बने सामान को खरीदने का झांसा दिया और उनसे करोड़ों रुपये वसूल लिए। '
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उसके कुछ दिन बाद ही मालिक कंपनी में ताला लगाकर फरार हो गया। यह मामला द्वारका इलाके का है। पीड़ितों की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, द्वारका निवासी अशोक मुखिया समेत सैकड़ों लोगों ने आर्थिक अपराध शाखा में एक कंपनी के खिलाफ करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने की शिकायत दी है।
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शिकायत में पीड़ितों ने कहा कि गजानंद कॉरपोरेशन इंडिया नाम की कंपनी के मालिक राकेश परमार ने 2018 में समाचार पत्र में विज्ञापन दिया था, जिसमें बताया गया कि कंपनी रोजगार गारंटी योजना के तहत लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। यह योजना प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत चलाई जा रही है।
विज्ञापन देखकर सभी कंपनी के रामफल चौक स्थित कार्यालय पहुंचे, जहां कंपनी मालिक राकेश परमार, अकाउंटेंट उमाशंकर झा और नीरव लोगों को कंपनी की बात समझा रहे थे। उनके मुताबिक, कंपनी खुद बनाओ व खुद कमाओ योजना चला रही है। लोगों से कहा गया कि वह थोड़ा पैसा लगाएं और कंपनी से एक मशीन खरीदें।
उसके बाद वह अपना रोजगार शुरू करें। कंपनी ने तैयार माल भी खरीदने का आश्वासन दिया। उसके बाद कंपनी ने पेंसिल बनाने वाली मशीन दिखाई और लोगों को आश्वस्त किया कि उनके पैसे की हेराफेरी नहीं होगी।
आरोपियों के झांसे में आकर सैकड़ों लोगों ने एक-एक लाख रुपये देकर कंपनी से मशीन खरीदी और काम शुरू किया, लेकिन कंपनी की ओर से तैयार सामान लेने के बाद उन्हें पैसे नहीं दिए गए। कंपनी मालिक पैसे मिलने का आश्वासन देता रहा, लेकिन जब लोग कंपनी के कार्यालय पर पहुंचे तो वहां ताला लगा था।
कुछ पीड़ितों ने मालिक व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ द्वारका थाने में शिकायत दे दी। सैकड़ों लोगों से शिकायत मिलने पर मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई। आर्थिक अपराध शाखा मामला दर्ज कर पीड़ितों के बयान दर्ज कर रही है।
अपने लोगों को खड़ा कर झांसे में लिया
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि पहली बार जब वह कंपनी के कार्यालय पहुंचे, तो कंपनी मालिक ने उन्हें मशीन के बारे में बताया। इस दौरान दस से पंद्रह ऐसे लोग वहां मौजूद थे, जिन्होंने बताया कि कर्ज लेकर इसी कंपनी से मशीन खरीदी थी। अच्छी कमाई होने के बाद उन लोगों ने कर्ज चुकता किया और फिर महीने में करीब 50 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं। ऐसी बातें सुनकर लोगों को कंपनी पर भरोसा होने लगा और वह उनकी बातों में फंस गए।
महिलाओं ने जेवर बेचकर खरीदी मशीन
सैकड़ों पीड़ितों में ज्यादातर संख्या महिलाओं की है, जिन्होंने अपने जेवर बेचकर कंपनी से मशीन खरीदी, जबकि कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने कर्ज लेकर मशीन खरीदी।