पश्चिमी जिले के रमेश नगर में महिलाएं कॉल सेंटर चलाकर लोगों के साथ ठगी कर रही थी। इस कॉल सेंटर से दो महिलाएं अपने एक पुरूष दोस्त के साथ मिलकर देशभर के लोगों के साथ सरकारी व प्राइवेट एयरलाइंस में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी कर रही थीं। बताया जा रहा है कि महिलाएं देशभर में 300 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुकी है। पश्चिमी जिले की साइबर सेल ने सात महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस कॉल सेंटर चलाने वाली शालू, शिम्मी और प्रशांत की तलाश में कई जगह छापेमारी कर रही है।
कॉल सेंटर चलाकर लोगों को ठगने में लगी हुई थी महिलाएं, दिल्ली पुलिस ने सात को गिरफ्तार किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिमी जिला डीसीपी उर्विजा गोयल के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं की पहचान छाया (21), रोशनी (24), सुष्मिता उर्फ रिया शर्मा (26), आकांक्षा शर्मा (21), पूजा, रेखा (23) और ज्योति (29) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक स्मार्टफोन, पांच कीपेड फोन, फर्जी एयरलाइंस नियुक्ति पत्र व काफी संख्या में पीड़ितों का डाटा बरामद किया है। जिला उपायुक्त के अनुसार सुल्तानपुर, उत्तरप्रदेश के एक युवक ने ई-मेल कर कॉल सेंटर की शिकायत की थी। युवक ने अपनी शिकायत में लिखा था कि उसके पास एयरलाईंस में नौकरी दिलाने का एक मैसेज आया। युवती ने मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो युवती ने सरकारी एयरलाईंस में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। इस तरह पीड़ित से रजिस्ट्रेशन, सिक्यूरिटी औ वर्दी आदि के नाम पर 32 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद पीड़ित युवक का नंबर ब्लाक कर दिया।
मामला दर्जकर इंस्पेक्टर अरूण कुमार,व् एसआई अमित वर्मा व एसआई महेश कुमार की टीम ने जांच की तो पता लगा कि आरोपी कॉल सेंटर चलाकर ठगी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने जे ब्लॉक पहली मंजिल रमेश नगर कीर्ति नगर में दबिश देकर आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि इन महिलाओं को सैलरी पर रखा हुआ था। इनको 30 से 35 हजार रुपये तनख्वाह दी जाती थी। इन महिलाओं को पीड़ितों के साथ ठगी करने की पूरी जानकारी थी। आरोपी महिलाएं वेस्ट पटेल नगर, निहाल विहार, नांगलोई, मंगोलपुरी, हैदरपुर, आजादपुर व उतम नगर की रहने वाली हैं।
तीन मालिक कॉल सेंटर को चला रहे थे-
पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार कॉल सेंटर को शालू, शिम्मी और प्रशांत चला रहे थे। ये तीनों आपस में दोस्त हैं और पूरे पैसे का ये तीनों हिसाब-किताब रखते थे। जांच में ये बात भी सामने आई कि ये सैलरी पर ठगी करने के लिए रखी गई महिलाएं को कमीशन भी देते थे। जो महिला ज्यादा ठगी करती थी उसे ये दस फीसदी कमीशन देते थे। जो ज्यादा ठगी करती थी उसे उतना ज्यादा ही कमीशन दिया जाता था।
300 से ज्यादा लोगों के साथ कर चुके हैं ठगी-
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी कॉल सेंटर चलाकर हरियाणा, पंजाब, जम्मू, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश व दिल्ली में 300 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। आरोपी महिला पीड़ितों को फोन व मैसेज कर अपने झांसे में लेती थी और रजिस्ट्रेशन, सिक्यूरिटी व वर्दी आदि के नाम पर उसने रकम ऐंठ ली जाती थी। पीड़ित को ठगने के बाद उनके नंबर को ब्लाक कर दिया जाता था।