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Delhi News: फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, रिपोर्ट आने के बाद होगा आग लगने के सही कारणों का खुलासा
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पीतमपुरा इमारत में आग लगने का मामला : पुलिस ने केस दर्ज किया, छह लोगों की हुई थी मौत
इमारत के सभी बिजली के मीटर सही पाए गए, हीटर या गीजर से आग लगने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीतमपुरा इलाके में चार मंजिला इमारत में आग लगने से हुई छह लोगों की मौत के मामले में मौर्या एंक्लेव थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 285, 336 और 304 ए के तहत मामला दर्ज किया है। शुक्रवार सुबह फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने इमारत का मुआयना किया और वहां से कई साक्ष्य जुटाए। रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
पुलिस इमारत में रहने वाले लोगों और घायल साहिल से पूछताछ कर घटना के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में इमारत में लगे बिजली के सभी मीटर सही पाए गए हैं। आशंका है कि रूम हीटर या फिर गीजर में आग लगने से हादसा हुआ है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीतमपुरा इलाके में बृहस्पतिवार रात करीब 8.07 बजे जेड पी ब्लॉक स्थित चार मंजिला इमारत नंबर 37 में आग लगने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचीं दमकल की आठ गाड़ियों ने करीब 45 मिनट में आग पर काबू पा लिया। इस दौरान दमकल कर्मियों ने इमारत की तीसरी और चौथी मंजिल में फंसे सात लोगों को बाहर निकाला। सभी को पुलिस पास के अस्पताल लेकर गई। जहां चार महिलाओं समेत छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि साहिल को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सभी की दम घुटने से मौत हुई है। मृत सभी लोग दो परिवार के सदस्य हैं जबकि एक इनका रसोइया था। मरने वालों की शिनाख्त तीसरी मंजिल निवासी राकेश गुप्ता (62), उनकी पत्नी रेणू गुप्ता (60), बेटी श्वेता (30) वहीं चौथी मंजिल निवासी अनिल कुमार की दो बेटियां कीर्ति (25) और शानू वर्मा (27) के रूप में हुई है। मृत पाए गए एक युवक की पहचान शालीमार बाग के सिंगालपुर गांव निवासी संतोष (25) के रूप में हुई है। संतोष अनिल कुमार के घर में रसोइया का काम करते थे।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि इमारत के मालिक सुभाष कुमार गुप्ता हैं। इनका वजीरपुर इलाके में स्टील का कारोबार है। परिवार में एक बेटा और बहू है। दोनों फिलहाल मुंबई गए हुए हैं। मामले की छानबीन के दौरान शुक्रवार सुबह 11.30 बजे फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने आग लगने की शुरुआत वाली जगह से लेकर ऊपर की मंजिलों की गहनता से जांच पड़ताल की। टीम ने इमारत से कई साक्ष्य इकट्ठा कर उन्हें जांच के लिए भेज दिया है। जिला पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार मीना का कहना है कि आग लगने के कारणों को लेकर अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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पुलिस ने इन धाराओं में किया मामला दर्ज
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 285 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण), धारा 336 (उतावलेपन में ऐसा कार्य जिससे मानव जीवन को खतरा हो) और धारा 304 ए (उपेक्षापूर्ण तरीके से किए कार्य से किसी की मौत हो जाए) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में लापरवाही के लिए दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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आग लगने की वजह की चल रही जांच
आग शॉर्ट सर्किट या फिर रूम हीटर के कारण लगी, दिल्ली पुलिस इसकी जांच में जुटी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से आग लगने की असली वजहों का पता चल पाएगा। दमकल अधिकारियों का कहना है कि आग इमारत की पहली मंजिल से शुरू हुई। उसके बाद धुएं का गुब्बार अन्य तीन मंजिलों में फैल गया। जिससे छह लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।
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इमारत के सभी बिजली के मीटर सही पाए गए, हीटर या गीजर से आग लगने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीतमपुरा इलाके में चार मंजिला इमारत में आग लगने से हुई छह लोगों की मौत के मामले में मौर्या एंक्लेव थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 285, 336 और 304 ए के तहत मामला दर्ज किया है। शुक्रवार सुबह फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने इमारत का मुआयना किया और वहां से कई साक्ष्य जुटाए। रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
पुलिस इमारत में रहने वाले लोगों और घायल साहिल से पूछताछ कर घटना के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में इमारत में लगे बिजली के सभी मीटर सही पाए गए हैं। आशंका है कि रूम हीटर या फिर गीजर में आग लगने से हादसा हुआ है।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीतमपुरा इलाके में बृहस्पतिवार रात करीब 8.07 बजे जेड पी ब्लॉक स्थित चार मंजिला इमारत नंबर 37 में आग लगने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचीं दमकल की आठ गाड़ियों ने करीब 45 मिनट में आग पर काबू पा लिया। इस दौरान दमकल कर्मियों ने इमारत की तीसरी और चौथी मंजिल में फंसे सात लोगों को बाहर निकाला। सभी को पुलिस पास के अस्पताल लेकर गई। जहां चार महिलाओं समेत छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि साहिल को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सभी की दम घुटने से मौत हुई है। मृत सभी लोग दो परिवार के सदस्य हैं जबकि एक इनका रसोइया था। मरने वालों की शिनाख्त तीसरी मंजिल निवासी राकेश गुप्ता (62), उनकी पत्नी रेणू गुप्ता (60), बेटी श्वेता (30) वहीं चौथी मंजिल निवासी अनिल कुमार की दो बेटियां कीर्ति (25) और शानू वर्मा (27) के रूप में हुई है। मृत पाए गए एक युवक की पहचान शालीमार बाग के सिंगालपुर गांव निवासी संतोष (25) के रूप में हुई है। संतोष अनिल कुमार के घर में रसोइया का काम करते थे।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि इमारत के मालिक सुभाष कुमार गुप्ता हैं। इनका वजीरपुर इलाके में स्टील का कारोबार है। परिवार में एक बेटा और बहू है। दोनों फिलहाल मुंबई गए हुए हैं। मामले की छानबीन के दौरान शुक्रवार सुबह 11.30 बजे फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने आग लगने की शुरुआत वाली जगह से लेकर ऊपर की मंजिलों की गहनता से जांच पड़ताल की। टीम ने इमारत से कई साक्ष्य इकट्ठा कर उन्हें जांच के लिए भेज दिया है। जिला पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार मीना का कहना है कि आग लगने के कारणों को लेकर अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस ने इन धाराओं में किया मामला दर्ज
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 285 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण), धारा 336 (उतावलेपन में ऐसा कार्य जिससे मानव जीवन को खतरा हो) और धारा 304 ए (उपेक्षापूर्ण तरीके से किए कार्य से किसी की मौत हो जाए) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में लापरवाही के लिए दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आग लगने की वजह की चल रही जांच
आग शॉर्ट सर्किट या फिर रूम हीटर के कारण लगी, दिल्ली पुलिस इसकी जांच में जुटी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से आग लगने की असली वजहों का पता चल पाएगा। दमकल अधिकारियों का कहना है कि आग इमारत की पहली मंजिल से शुरू हुई। उसके बाद धुएं का गुब्बार अन्य तीन मंजिलों में फैल गया। जिससे छह लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।