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Flood Fear : यमुना फिर 'लाल' निशान के पार, हिंडन भी उफान पर, दिल्ली-एनसीआर में दोबारा से गहराया बाढ़ का खौफ

Mon, 24 Jul 2023 04:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 24 Jul 2023 04:45 AM IST
सार

कश्मीर से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र तक विभिन्न राज्यों में रविवार को भी भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दूसरी तरफ, मध्य भारत में चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी से हालात बिगड़ने का अंदेशा है।  

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Fear of flood again in Delhi-NCR
दिल्ली में बाढ़ का खतरा - फोटो : ANI

विस्तार

उत्तर और पश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्से बाढ़, बारिश और बादल फटने की घटनाओं से बेहाल हैं। कश्मीर से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र तक विभिन्न राज्यों में रविवार को भी भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दूसरी तरफ, मध्य भारत में चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी से हालात बिगड़ने का अंदेशा है।  

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दिल्ली-एनसीआर में बाढ़ का खौफ फिर गहराने लगा है। यमुना नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। हिंडन में उफान से गाजियाबाद व नोएडा में इसके आसपास के घरों में पानी घुस गया है।
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हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के दिल्ली पहुंचने से पहले से ही यमुना नदी चौथी बार खतरे के निशान के ऊपर बहने लगी है। रविवार शाम 9 बजे तक इसका जलस्तर खतरे के िनशान से एक मीटर ऊपर 206.48  मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो सुबह 205.81 था। 
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बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों को खाली करने को कहा है। यमुना की सहायक नदी हिंडन के भी उफान पर होने से नोएडा-गाजियाबाद में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। नदी किनारे बसे क्षेत्र पानी में घिर गए हैं। सिटी फॉरेस्ट में छह फुट तक तो मोरटा और करहेड़ा कॉलोनी में दो फुट तक पानी भर गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। 

हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को निकालने के लिए नाव तक बुलानी पड़ी। पानी की निकासी के लिए नगर निगम ने 10 पंप लगाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। यही नहीं, हिंडन के करीब बसे पांच गांवों से शनिवार को करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

हुसैनीवाला से पाकिस्तान की तरफ छोड़ा गया पानी
पंजाब में घग्गर नदी का पानी घरों में घुस गया है। पटियाला में कई गांव और खेत डूबे हुए हैं। आनंदपुर साहिब के गांव हरीवाल में धुस्सी तटबंध टूट गया है। सतलुज के बढ़ते जलस्तर के चलते फिरोजपुर के हुसैनीवाला से नदी का पानी पाकिस्तान की तरफ छोड़ा गया।

शाह ने ली हालात की जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात कर बाढ़ व बारिश के हालात की जानकारी ली। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

27 तक भारी बारिश 
मौसम विभाग के मुताबिक, 27 जुलाई तक मध्य भारत में कई जगह भारी बारिश होगी। हिमाचल, उत्तराखंड व पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

  • यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में 25 से 27 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान में 25-26 जुलाई को कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

यमुना के घाट डूबे, बढ़ने लगी लोगों में बेचैनी
कश्मीरी गेट के पास मोनेस्ट्री मार्केट में भरे पानी से खराब हुए लाखों के सामान की भरपाई अभी तक नहीं हुई है और यमुना ने फिर से डराना शुरू कर दिया है। यह डर केवल मोनेस्ट्री मार्केट के व्यापारियों में ही नहीं, बल्कि जगतपुर, वजीराबाद, कुदेशिया, आईटीओ, मदनपुर खादर सहित यमुना के आसपास बसे निचले इलाकों में रहने वालों लोगों में भी है। जलस्तर बढ़ने से यमुना के अधिकतर घाट डूब गए हैं और निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। 

कश्मीरी गेट, जमुना बाजार, जगतपुर, वजीराबाद, आईटीओ, मदनपुर खादर सहित आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी की बोरियां लगाई जा रही हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने पर यमुना का पानी सड़क तक न पहुंच पाए। वहीं, पुलिस भी यमुना किनारे जाकर लोगों को दूर रहने की हिदायत दे रही है। ऑनलाइन माध्यम से पल-पल की जानकारी आला अधिकारी को सौंपी जा रही है। मोनेस्ट्री मार्केट में काम करने वाले मुकेश ने बताया कि बाढ़ के कारण दुकान में रखा सामान खराब हो गया था। 

कई दिन तक दुकान बंद रखनी पड़ी थी। एक बार फिर से पानी बढ़ने लगा है। बाजार के पीछे सौंदर्यीकरण तक पानी पहुंच गया है। धीरे-धीरे पानी बाजार के तरफ बढ़ने लगा है। कुदेशिया घाट पर तैनात अधिकारी ने बताया कि पिछली बार जलस्तर बढ़ने के बाद रिंग रोड तक पानी भर गया था। इस बार ऐसी स्थिति रोकने के लिए कश्मीरी गेट के किनारे मिट्टी की बोरियां लगाई जा रही हैं।

बाढ़ रोकने की तैयारियां तेज सभी विभाग हाईअलर्ट पर
दिल्ली सरकार ने यमुना में रविवार को फिर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने और लगातार बढ़ोतरी के मद्देनजर बाढ़ रोकने की तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी विभागों को हाईअलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि विभिन्न विभागों की 60 टीमें अलग-अलग हिस्सों में तैनात की गईं हैं। टीमें यमुना की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि हथिनी कुंड बैराज से दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। इस कारण यमुना में सोमवार को जलस्तर और बढ़ जाएगा। 

जिन जगहों से पानी यमुना से बाहर निकलकर पहले सड़कों पर आ गया था, उन सभी जगहों की पूरी तरह से निगरानी की जा रही है। दीवार बनाकर और अन्य व्यवस्थाओं से सड़कों पर पानी आने से रोकने की तैयारी की गई है। यमुना के समीप वाले निचले क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों को बाहर निकालकर राहत शिविरों में भेजने के अलावा मुनादी भी की जा रही है। लोगों को खानपान सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। दो डॉक्टरों और उनके साथ कुछ स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार लोगों की देखरेख में लगे हुए हैं। जब तक पानी पूरी तरह से हट नहीं जाएगा, लोगों को शिविरों में ही रहना होगा।

यमुना में गिरने वाले 17 नाले बंद किए
जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने पर यमुना में गिरने वाले सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के 17 नाले 11 दिन बाद फिर बंद कर दिए गए हैं। इस कारण रिहायशी इलाकों के नाले-नालियां और सीवर ओवरफ्लो हो सकते हैं। 

यमुना में जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद नालों को बंद करने का नियम है। पीडब्ल्यूडी व एमसीडी के करीब पांच हजार छोटे-बड़े नाले हैं और जल बोर्ड ने सभी इलाकों में सीवर लाइन डाल रखी है। इनका पानी सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के बंद किए गए 17 नालों से यमुना में पहुंचता है। इस कारण बारिश होने पर अधिकांश रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो जाएंगे। 



कुछ इलाकों में बारिश ने दिलाई उमस से राहत
कुछ इलाकों में रविवार को हुई बारिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। दिनभर सूरज व बादलों की लुकाछिपी का खेल चलता रहा। वहीं, रविवार को अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से तीन डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री से अधिक 29.4 दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 61 से 85 प्रतिशत रहा। 

प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार रविवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान नजफगढ़ में 37.7 व न्यूनतम तापमान 32.2 रहा। सबसे कम तापमान 25 डिग्री रिज का दर्ज किया गया। इसी तरह पालम का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री, पीतमपुरा का 32.2 डिग्री, पूसा का 31.2 डिग्री, सीडब्ल्यूजी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का 31.7 डिग्री रहा। 

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