26 जनवरी पर उत्पातः उपद्रवी चले गए...छोड़ गए गणतंत्र पर प्रहार के वो निशां
- लाल किला और आईटीओ का चौराहा बना हिंसा परेड का गवाह
- तिलक ब्रिज पर खड़ी डीटीसी बसों को देख हर कोई रह गया दंग
- भारत की धरोहर लाल किला को पहुंची चोट, जगह जगह तोड़फोड़ और मनमानी के निशां
विस्तार
दिल्ली की सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन करने के बाद उपद्रवी लौट गए लेकिन अगली सुबह हर तरफ गणतंत्र पर प्रहार के वो निशां दिखाई दे रहे थे। लाल किला और आईटीओ का चौराहा हिंसा परेड का गवाह बना है। बुधवार को तिलक ब्रिज से गुजरने वाला हर कोई क्षतिग्रस्त अवस्था में खड़ी बसों को देख दंग रह गया।
ट्रैक्टर परेड में बेकाबू भीड़ की करतूत का अंदाजा इन्हीं बसों के जरिए लगाया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर भारत की धरोहर लाल किला को गहरी चोट भी पहुंची है। यहां जगह-जगह तोड़फोड़ और मनमानी के निशां साफ दिखाई दे रहे हैं।
लाल किला परिसर में ही पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त पड़ा है जिसे देख साफ पता चलता है कि हिंसा की रणनीति लेकर लाल किले की प्राचीर तक पहुंचे उपद्रवियों ने किस कदर इसे अंजाम दिया। लाल किला परिसर में मौजूद दीवारों को तोड़ा गया। यहां मौजूद कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया गया। पुलिस की कुर्सियों को उखाड़ फेंक दिया। इतना ही नहीं गणतंत्र दिवस के चलते परेड में शामिल झांकियों को भी इन्होंने नहीं छोड़ा। कई झांकियों को उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचाया।
दरअसल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली लेकिन पहले से तय मार्ग से हटकर यह रैली आईटीओ चौराहे तक पहुंच गई। यहां तिलक ब्रिज के पास दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ उपद्रवियों ने हिंसा की।
वहीं लाल किला पहुंचे तिरंगे के साथ धार्मिक झंडा तक फहराया। इसी बीच दिल्ली के दूसरे इलाके मुकरबा चौक, गाजीपुर, टिकरी बॉर्डर, नांगलोई इत्यादि जगहों पर भी हिंसा की घटनाएं देखने को मिलीं। देर रात तक पुलिस की सख्ती के बाद सभी उपद्रवी धीरे-धीरे दिल्ली तो छोड़ गए लेकिन अगली ही सुबह जब दिल्ली वाले अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने सड़कों पर खड़े क्षतिग्रस्त वाहन, कांच के टुकड़े, टूटे डिवाइडर देख उपद्रव की तस्वीर का अंदाजा लगाया।
उधर उपद्रव को देखते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से भी बुधवार को काफी सख्ती देखने को मिली। लुटियन जोन में जगह जगह पुलिस का पहरा दिखाई दिया। वहीं सुबह कनॉट प्लेस से मिंटो रोड को कुछ देर के लिए बंद किया गया लेकिन उसके बाद यातायात बहाल कर दिया।
दिनभर अलग-अलग इलाकों में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स की खास सतर्कता देखने को मिली। लाल किला परिसर में भी सुरक्षा जवानों की संख्या इस बार बीते मंगलवार की तुलना में अत्यधिक थी।