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आधे हों पेट्रोल-डीजल के रेट: किसानों ने कीमतों में वृद्धि का किया विरोध, वाहनों से जाम किए हाईवे
Thu, 08 Jul 2021 04:46 PM IST
Vikas Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 08 Jul 2021 04:46 PM IST
सार
किसान नेता लखबीर सिंह ने कहा कि आज किसानों ने ईंधन की ऊंची कीमतों के खिलाफ दो घंटे तक प्रदर्शन किया। हम चाहते हैं कि इनकी कीमतें तत्काल प्रभाव से आधी की जाएं। प्रदर्शनकारी अपने साथ मोटरसाइकिल, कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहन लेकर आए थे और धरने पर बैठे।
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प्रदर्शनकारी किसान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गुरुवार को पेट्रोल, डीजल और खाद्य तेल की कीमतों में हालिया वृद्धि का विरोध करते हुए तत्काल प्रभाव से इनके दाम आधा करने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देश के विभिन्न हिस्सों में किसान सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे अपने वाहनों के साथ जमा हुए।
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किसान नेता लखबीर सिंह ने कहा कि आज किसानों ने ईंधन की ऊंची कीमतों के खिलाफ दो घंटे तक प्रदर्शन किया। हम चाहते हैं कि इनकी कीमतें तत्काल प्रभाव से आधी की जाएं। प्रदर्शनकारी अपने साथ मोटरसाइकिल, कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहन लेकर आए थे और धरने पर बैठे।
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उन्होंने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। पेट्रोल की कीमत बुधवार को दिल्ली और कई अन्य शहरों में 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गई जबकि डीजल की कीमत 89.59 रुपये प्रति लीटर है।
एक अन्य किसान नेता अवतार सिंह मेहमा ने बताया कि प्रदर्शन सिर्फ दिल्ली की सीमा पर ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुआ। दिल्ली की सीमा पर नए कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए किसान जमा हैं।
गुरुवार को प्रदर्शन के तौर पर किसानों ने ‘हॉर्न बजाओ दिवस’ भी मनाया। इस दौरान उन्होंने पांच मिनट तक अपने वाहनों का हॉर्न बजाया। ऐसा करने के पीछे किसानों का कहना है कि नए कृषि कानूनों का पिछले सात महीने से लगातार विरोध के बाद भी सरकार उनकी नहीं सुन रही है।
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि देश के सभी किसानों से आह्वान किया गया था कि वे अपने ट्रैक्टर और वाहनों के साथ मुख्य मार्गों और राजमार्गों पर आएं और हॉर्न बजाएं ताकि सरकार हमारे प्रदर्शन का संज्ञान ले।