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बाइक की नकली ट्यूब बनाने की फैक्टरी पकड़ी, मालिक गिरफ्तार
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नई दिल्ली। बाहरी नार्थ जिले की अन्वेषण इकाई ने बाइक की नकली ट्यूब बनाने वाले एक फैक्टरी मालिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी नकली ट्यूब को नामी कंपनी सीएट के पैकिंग में डालकर बेचता था। इसकी पहचान आजाद मार्केट निवासी मोहम्मद अकरम (41) के रूप में हुई। पुलिस ने फैक्टरी से 1151 नकली ट्यूब, नामी कंपनी का पैकिंग सामग्री, 71 प्लेन ट्यूब और दो डाई बरामद किए हैं। बरामद ट्यूब की कीमत पांच लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि सीएट कंपनी के अधिकारी नीरज कुमार से शिकायत मिली थी कि सिरसपुर में बाइक की नकली ट्यूब बनाने की फैक्टरी चल रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुक्रवार को फैक्टरी में छापा मारा। इस दौरान नकली ट्यूब और नामी कंपनी की पैकिंग सामग्री मिली। आरोपी अकरम ने बताया कि टायर मार्केट में उसके भाई सुल्तान की दुकान थी। इसमें वह काम करता था। वर्ष 2012 में उसके भाई ने स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग कर नकली ट्यूब बनाने की फैक्टरी खोली। लेकिन, 2014 में मध्य जिला की अन्वेषण इकाई ने उसकी फैक्टरी पर छापा मारकर उसे बंद करा दिया और उसके भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में सिविक एजेंसी ने टायर मार्केट को ध्वस्त कर दिया, जिससे उसका भाई बेरोजगार हो गया। भाई की मदद के लिए उसने खेड़ा गांव में किराए की इमारत में नकली ट्यूब बनाने की फैक्टरी खोली। बाद में फैक्टरी को सिरसपुर में शिफ्ट कर लिया। नवंबर 2020 में सुल्तान के देहांत के बाद वह अकेले फैक्टरी को चला रहा था। उसने बताया कि वह नकली ट्यूब को टायर की नामी कंपनी सीएट के पैकिंग में डालकर उसे दिल्ली, एनसीआर और यूपी के शहरों में बेचता था।
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जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि सीएट कंपनी के अधिकारी नीरज कुमार से शिकायत मिली थी कि सिरसपुर में बाइक की नकली ट्यूब बनाने की फैक्टरी चल रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुक्रवार को फैक्टरी में छापा मारा। इस दौरान नकली ट्यूब और नामी कंपनी की पैकिंग सामग्री मिली। आरोपी अकरम ने बताया कि टायर मार्केट में उसके भाई सुल्तान की दुकान थी। इसमें वह काम करता था। वर्ष 2012 में उसके भाई ने स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग कर नकली ट्यूब बनाने की फैक्टरी खोली। लेकिन, 2014 में मध्य जिला की अन्वेषण इकाई ने उसकी फैक्टरी पर छापा मारकर उसे बंद करा दिया और उसके भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में सिविक एजेंसी ने टायर मार्केट को ध्वस्त कर दिया, जिससे उसका भाई बेरोजगार हो गया। भाई की मदद के लिए उसने खेड़ा गांव में किराए की इमारत में नकली ट्यूब बनाने की फैक्टरी खोली। बाद में फैक्टरी को सिरसपुर में शिफ्ट कर लिया। नवंबर 2020 में सुल्तान के देहांत के बाद वह अकेले फैक्टरी को चला रहा था। उसने बताया कि वह नकली ट्यूब को टायर की नामी कंपनी सीएट के पैकिंग में डालकर उसे दिल्ली, एनसीआर और यूपी के शहरों में बेचता था।
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