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कालाबाजारी: 30 हजार में बेच रहे थे नकली रेमडेसिविर, गूगल पर डाल रखा था मोबाइल नंबर, ऐसे पकड़े गए
Sat, 08 May 2021 08:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 08 May 2021 08:28 AM IST
सार
आरोपी 30 हजार रुपये में नकली इंजेक्शन बेचकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे थे
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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाहरी दिल्ली के नांगलोई थाना पुलिस ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के आरोप में शालीमार बाग निवासी कमल (25) और दीपक (29) को दबोचा है। उनके पास से 15 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन, 34 हजार रुपये और एक ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बरामद हुआ है।
आरोपी 30 हजार रुपये में नकली इंजेक्शन बेचकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे थे। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस को शिकायतकर्ता नांगलोई निवासी राहुल ने बताया कि उसके अंकल कोरोना से बीमार थे। उनके लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत थी।
उसने गूगल की मदद से नंबर लेकर आरोपी से बातचीत की। 30 हजार रुपये में इंजेक्शन की डील फाइनल हो गई। आरोपी ने रोहिणी इलाके में बुलाकर राहुल को एक इंजेक्शन दे दिया। इधर, राहुल के अंकल की मौत हो गई। राहुल को आरोपी पर शक था। इसलिए उसने मामले की शिकायत पुलिस से की।
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पुलिस ने नकली ग्राहक बनकर आरोपी से बातचीत की और एक इंजेक्शन देने के लिए आरोपी को नांगलोई बुलाया गया। वहां पुलिस की टीम ने आरोपी कमल और दीपक को दबोच लिया। कमल ने बताया कि वह शालीमार बाग के एक बड़े अस्पताल में टेक्नीशियन की नौकरी करता है।
दीपक उसका रूम पार्टनर है और वह प्राइवेट नर्स और स्टाफ उपलब्ध कराने का काम करता है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कहां से लाते थे।
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आरोपी 30 हजार रुपये में नकली इंजेक्शन बेचकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे थे। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस को शिकायतकर्ता नांगलोई निवासी राहुल ने बताया कि उसके अंकल कोरोना से बीमार थे। उनके लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत थी।
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उसने गूगल की मदद से नंबर लेकर आरोपी से बातचीत की। 30 हजार रुपये में इंजेक्शन की डील फाइनल हो गई। आरोपी ने रोहिणी इलाके में बुलाकर राहुल को एक इंजेक्शन दे दिया। इधर, राहुल के अंकल की मौत हो गई। राहुल को आरोपी पर शक था। इसलिए उसने मामले की शिकायत पुलिस से की।
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पुलिस ने नकली ग्राहक बनकर आरोपी से बातचीत की और एक इंजेक्शन देने के लिए आरोपी को नांगलोई बुलाया गया। वहां पुलिस की टीम ने आरोपी कमल और दीपक को दबोच लिया। कमल ने बताया कि वह शालीमार बाग के एक बड़े अस्पताल में टेक्नीशियन की नौकरी करता है।
दीपक उसका रूम पार्टनर है और वह प्राइवेट नर्स और स्टाफ उपलब्ध कराने का काम करता है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कहां से लाते थे।