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Yamuna Flood : दिल्ली की बाढ़ पर जानकारों ने कहा- यह सब सरकारी प्रबंधन की विफलता
Thu, 13 Jul 2023 06:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 13 Jul 2023 06:14 AM IST
सार
जलवायु परिस्थितियों ने हालांकि स्थिति को जटिल बनाया है, लेकिन यह समस्या काफी हद तक मानव निर्मित है। यमुना में भारी मात्रा में मौजूद गाद, जलभराव के रास्ते में अवैध निर्माण और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार नदी के आसपास रहने वाले लोगों को अपना घर-बार छोड़ने के लिए विवश होना पड़ता है।
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Yamuna water level increase in Delhi
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना नदी में बाढ़ सरकारी प्रबंधन की विफलता है। जलवायु परिस्थितियों ने हालांकि स्थिति को जटिल बनाया है, लेकिन यह समस्या काफी हद तक मानव निर्मित है। यमुना में भारी मात्रा में मौजूद गाद, जलभराव के रास्ते में अवैध निर्माण और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार नदी के आसपास रहने वाले लोगों को अपना घर-बार छोड़ने के लिए विवश होना पड़ता है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, एक ऐसी प्रणाली होनी चाहिए, जो विभिन्न स्लुइस गेटों के बीच समन्वय सुनिश्चित करे। दुर्भाग्य से बहुत कम बारिश में यमुना का जल स्तर बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि गाद के कारण जल निकासी गहरी होने के बजाय उथली होती जा रही है। इसीलिए दिल्ली के लोगों को आपूर्ति किया जाने वाला और उनके द्वारा उपयोग किया जाने वाला पानी भी वापस जा रहा है। यह वापस नदीं में मिल रहा है, जिसका स्तर पहले से ही ऊपर है।
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यमुना के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में सामान्य वर्षा के बावजूद पार्कों, अंडरपासों, बाजारों और अस्पतालों के परिसरों सहित पूरी दिल्ली में बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई। इससे शहर के बुनियादी जल निकासी ढांचे के बारे में भी चिंताएं बढ़ गई हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी में बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में गंभीर बाढ़ आ सकती है।
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दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी ने 10 जुलाई को कहा था कि जल स्तर में इस वृद्धि का कारण हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अधिक पानी छोड़ा जाना है। तीन दिन में उत्तर पश्चिम भारत में लगातार बारिश हुई है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है।
मानव निर्मित हैं यह हालात, सबसे बड़ी समस्या नदी की गाद, वैज्ञानिक निराकरण जरूरी
जल विशेषज्ञों का कहना है दिल्ली में जल निकास का उचित प्रबंध किया जाए, अवैध निर्माण हटाया जाए और हथिनी कुंड बैराज पर पानी छोड़ने का वैकल्पिक इंतजाम किया जाए तो यमुना में अनावश्यक बाढ़ का खतरा टाला जा सकता है। सबसे बड़ी समस्या गाद है। इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। अब तक इस दिशा में दिल्ली की किसी सरकार ने कोई ठोस पहल नहीं की है। जब तक इसका निदान नहीं होगा, तब तक सामान्य से थोड़ी अधिक बारिश में भी दिल्ली के लोग यमुना की बाढ़ से परेशान होते रहेंगे।