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विशेषज्ञों की राय: लंबे समय तक प्रदूषण कम करने में स्मॉग टावर नहीं हैं कारगर, मूल कारणों से निपटना जरूरी
Tue, 24 Aug 2021 02:25 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 24 Aug 2021 02:25 AM IST
सार
विशेषज्ञों ने कहा कि अगर दूसरे शहरों में स्मॉग टावर लगाने के निर्णय लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से गौर करना जरूरी है। इसके लिए सरकार को पहले टॉवर की प्रभावशीलता की निगरानी के बाद दूसरे शहरों में भी निवेश के लिए कदम बढ़ाना चाहिए।
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स्मॉग टावर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
स्मॉग टॉवर से एक सीमित दायरे में वायु प्रदूषण से तत्काल राहत मिल सकती है। एक महंगा और तात्कालिक समाधान होने की वजह से लंबे समय तक इनके प्रभावी रहने के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। विशेषज्ञों ने स्मॉग टावर अपनी राय देते हुए कहा कि सरकारों को मूल कारणों से निपटना चाहिए। वायु प्रदूषण कम करने सहित उत्सर्जन को कम कर अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए ताकि पर्यावरण को भी बेहतर बनाए रखना संभव हो।
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विशेषज्ञों ने कहा कि अगर दूसरे शहरों में स्मॉग टावर लगाने के निर्णय लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से गौर करना जरूरी है। इसके लिए सरकार को पहले टॉवर की प्रभावशीलता की निगरानी के बाद दूसरे शहरों में भी निवेश के लिए कदम बढ़ाना चाहिए।
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सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के संतोष हरीश ने कहा कि उत्सर्जन कम करने के नाम पर लोगों का ध्यान भटकाया जा रहा है। दिल्ली स्थित ऊर्जा परिषद में कार्यक्रम की प्रमुख, पर्यावरण, और जल(सीईईडब्ल्यू)ने भी अपने कहा कि इसके वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हां, बाहरी हवा को फिल्टर करने के लिए इसे कारगर माना गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से सोमवार को कनॉट प्लेस में देश के पहले स्मॉग टॉवर के उद्घाटन के बाद विशेषज्ञों ने कुछ इस तरह की राय दी। सरकार ने दावा किया कि वह लगभग एक किलोमीटर के दायरे में प्रति सेकंड 1,000 क्यूबिक मीटर हवा को शुद्ध करेगी।
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गांगुली ने कहा कि नए स्थापित स्मॉग टॉवर की प्रभावशीलता पर निगरानी के बाद डाटा को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इसके बाद ही दूसरे राज्यों में इसे लागू करने की दिशा में पहल होनी चाहिए। नवंबर 2019 में विशेषज्ञों के एक पैनल ने अनुमान लगाया था कि प्रदूषण संकट से लड़ने के लिए दिल्ली को कुल 213 एंटी-स्मॉग टावरों की जरूरत होगी।