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Cancer: कैंसर की एडवांस स्टेज के पहुंच रहे मरीज, डॉक्टरों ने चिंता जताई; रोकने के लिए सिर्फ ये उपाय

Sun, 13 Jul 2025 08:20 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sun, 13 Jul 2025 08:20 PM IST
सार

Cancer Third Stage: पूर्वी दिल्ली में हुई कैंसर कॉन्क्लेव-2025 में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने चिंता जताई। कॉन्क्लेव में कैंसर की देखभाल और नई तकनीक सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। तकनीक में सुधार से उपचार सुलभ हुआ।

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Early detection can prevent cancer from reaching the advanced stage
कैंसर का इलाज - फोटो : Freepik.com

विस्तार

देश में बढ़ते कैंसर के मामलों के साथ इलाज भी सुलभ हुआ है, लेकिन अधिकतर मरीज अभी भी एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंच रहे हैं। यह चिंता का विषय है। इस समस्या को कम करने के लिए रविवार को पूर्वी दिल्ली में कैंसर विशेषज्ञ कैंसर कॉन्क्लेव 2025 में जुटे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की पूर्वी दिल्ली शाखा और निजी अस्पतालों के सहयोग से आयोजित हुए इस कॉन्क्लेव में कैंसर की देखभाल, इलाज की नई तकनीक सहित दूसरे विषयों पर चर्चा हुई।

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विशेषज्ञों ने बताया, देश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे पीछे रोग की जल्द पहचान के साथ खान-पान में बदलाव, जीवन शैली, पर्यावरण प्रदूषण, खाने में कीटनाशक दवाओं का प्रभाव, पेयजल सहित दूसरी समस्याएं हैं। इनमें से कई समस्याओं को रोका जा सकता है, जबकि कई ऐसी समस्याएं हैं जिनके साथ जीवन जीना होगा। ऐसे में यदि जल्द जांच करवाएं तो कैंसर का पता समय से लग सकता है। यदि कैंसर की पकड़ पहले या दूसरे स्टेज में हो जाती है तो इलाज भी आसानी से हो सकता है।
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कुल कैंसर के 30 फीसदी जीआई कैंसर
सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौमित्र रावत ने कहा कि कुल कैंसर के 30 फीसदी मामले जीआई कैंसर के होते हैं। इसमें खाने की नली का कैंसर, पेट का कैंसर, बड़ी आंत का कैंसर, पित्त का कैंसर, लीवर का कैंसर सहित अन्य आते हैं। पिछले 25 साल में इनकी संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। इसका कारण टियर 2 शहर में जांच की सुविधा बढ़ने के साथ खान-पान में बदलाव व दूसरे कारण है।
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इसके अलावा शराब व धूम्रपान का सेवन इस समस्या को बढ़ा देता है। यदि परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है तो उसे विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले कुछ वर्षों से युवा भी इनके चपेट में आ रहे हैं। हालांकि इसका आकड़ा 20 फीसदी के करीब ही रहता है। उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए नई तकनीक में अब पेट काटने की जरूरत नहीं रहती। केवल दूरबीन की मदद से जीआई के सभी कैंसर निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि अचानक वजन घटे, कोई रोग लंबा चले या दूसरी समस्या रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हो सकेगी जांच
कृष्णा नगर से विधायक व यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर अनिल गोयल ने कहा कि जल्द ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर की मदद से घर के पास ही कैंसर की जांच हो सकेगी। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। प्रयास है कि हर विधानसभा में 10 से 15 ऐसे आरोग्य मंदिर होंगे। उन्होंने कहा कि यदि 40 की उम्र के बाद नियमित जांच करवाते रहें तो कैंसर की पकड़ जल्द होगी। इससे इलाज आसान होगा और मरीज भी जल्द ठीक हो सकते हैं।

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