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अब ई-बुक से जानें राजधानी के सातों बायो डायवर्सिटी पार्कों को
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नई दिल्ली। डीडीए ने अपने बायो डायवर्सिटी पार्कों को किस तरह विकसित किया, इसकी पूरी जानकारी देने के लिए एक ई-बुक लॉन्च की है। इस ई-बुक का नाम ‘बायोडाइवर्सिटी पार्क: नेचर रिजर्व आफ डेल्ही’ है। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को इस ई-बुक को लांच किया। डीडीए के मुताबिक दिल्ली के खोए इको सिस्टम को कैसे बायो डायवर्सिटी की वजह से दोबारा वापस पा लिया गया है, इस किताब में इस बात को समझाने का प्रयास किया गया है।
यह ई-बुक डीडीए के बायो डायवर्सिटी पार्कों में मौजूद विभिन्न प्रकार के पौधों, पशुओं और विविध इको सिस्टम की चित्रात्मक गाइड है। इसमें वर्णन किया गया है कि कैसे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और भू-दृश्य वास्तुकारों ने दिल्ली की बंजर भूमि को हरे-भरे वनों, घास के मैदानों और वेटलैंड इको सिस्टम में बदल दिया।
यह ई-बुक नीति निर्माताओं, योजनाकारों, विशेष रूप से शहरी योजनाकारों व वास्तुकारों, प्रकृति प्रेमियों, पर्यावरणविदों, आम लोगों, शिक्षाविदों और छात्रों के लिए उपयोगी है। डीडीए की वेबसाइट www.dda.org.in के होम पेज पर बायो डायवर्सिटी पार्क टैब पर जाकर यह इसे देखा जा सकता है।
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दिल्ली के बायो डायवर्सिटी पार्क प्रकृति संरक्षण (नेचर रिजर्व) क्षेत्र हैं। यह क्षेत्र दिल्ली शहर व इसके नागरिकों को प्राकृतिक संपदा की व्यापक श्रृंखला प्रदान करते हैं। इस ई-बुक में यह भी बताया गया है कि अन्य स्थानों पर ऐसे बायो डायवर्सिटी पार्क कैसे बनाए जा सकते हैं।
डीडीए ने सेंटर फॉर एन्वायरनमेंटल मैनेजमेंट ऑफ डिग्रेडिड इको सिस्टम (सीईएमडीई), दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ मिलकर अब तक राजधानी में सात बायो डायवर्सिटी पार्क (यमुना, अरावली, नीला हौज, नॉर्दन रिज, तिलपथ वैली, तुगलकाबाद और कालिंदी बायो डायवर्सिटी पार्क) विकसित किए हैं।
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यह ई-बुक डीडीए के बायो डायवर्सिटी पार्कों में मौजूद विभिन्न प्रकार के पौधों, पशुओं और विविध इको सिस्टम की चित्रात्मक गाइड है। इसमें वर्णन किया गया है कि कैसे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और भू-दृश्य वास्तुकारों ने दिल्ली की बंजर भूमि को हरे-भरे वनों, घास के मैदानों और वेटलैंड इको सिस्टम में बदल दिया।
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यह ई-बुक नीति निर्माताओं, योजनाकारों, विशेष रूप से शहरी योजनाकारों व वास्तुकारों, प्रकृति प्रेमियों, पर्यावरणविदों, आम लोगों, शिक्षाविदों और छात्रों के लिए उपयोगी है। डीडीए की वेबसाइट www.dda.org.in के होम पेज पर बायो डायवर्सिटी पार्क टैब पर जाकर यह इसे देखा जा सकता है।
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दिल्ली के बायो डायवर्सिटी पार्क प्रकृति संरक्षण (नेचर रिजर्व) क्षेत्र हैं। यह क्षेत्र दिल्ली शहर व इसके नागरिकों को प्राकृतिक संपदा की व्यापक श्रृंखला प्रदान करते हैं। इस ई-बुक में यह भी बताया गया है कि अन्य स्थानों पर ऐसे बायो डायवर्सिटी पार्क कैसे बनाए जा सकते हैं।
डीडीए ने सेंटर फॉर एन्वायरनमेंटल मैनेजमेंट ऑफ डिग्रेडिड इको सिस्टम (सीईएमडीई), दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ मिलकर अब तक राजधानी में सात बायो डायवर्सिटी पार्क (यमुना, अरावली, नीला हौज, नॉर्दन रिज, तिलपथ वैली, तुगलकाबाद और कालिंदी बायो डायवर्सिटी पार्क) विकसित किए हैं।