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कमल के फूल के खरीदार आने से किसानों के नुकसान की कुछ भरपाई हुई

Sat, 06 Nov 2021 12:00 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 06 Nov 2021 12:00 AM IST
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Due to the arrival of lotus flower buyers, some loss of farmers was compensated
नई दिल्ली। राजधानी के कई गांवों के किसानों को अघोषित बाढ़ जैसी आपदा में अवसर मिल गया। इन किसानों को मानसून में खेतों में पानी जमा होने पर फसल नष्ट होने से नुकसान का सामना करना पड़ा था, लेकिन यहां उगे कमल के फूूल दिवाली के दिन खरीदने के लिए दुकानदारों के आने पर उनके नुकसान की कुछ भरपाई हो गई।
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करीब एक दर्जन गांवों में फूल बेचने वाले दुकानदार किसानों के खेतों में कमल के फूल खरीदने पहुंचे। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन के दौरान लोग कमल के फूल का उपयोग करते हैं।
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इस बार मानसून में रिकार्ड बारिश होने के कारण ग्रामीण इलाके में बाढ़ जैसे हालात हो गए थे और खेतों में इतना पानी जमा हो गया कि किसानों की फसल नष्ट हो गई।
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वहीं नजफगढ़ के इलाके के समसपुर, उजाला, दरियापुर खुर्द, मलिकपुर, झुलझुली, सारंगपुर, गालिबपुर, रावता, दौराला आदि गांवों के खेतों में कमल के फूल उग गए थे। इन खेतों में आज भी पानी भरा हुआ है। इस संबंध में अमर उजाला ने विस्तार से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद से ये गांव सुर्खियों में आए हुए हैं।
उधर दिवाली के दिन फूल बेचने वाले दुकानदार इन गांवों के खेतों में कमल खरीदने के लिए पहुंचे। इस तरह किसानों ने अपने खेतों में उगे समस्त कमल के फूल बेच दिए। झुलझुली के किसान दीपक यादव ने बताया कि दुकानदारों ने उनके समक्ष 20 रुपये में कमल का एक फूल खरीदने का प्रस्ताव रखा। उनका यह प्रस्ताव सुनकर किसान खुश हो गए, क्योंकि उन्हें मालूम नहीं था कि उनके खेत में फसल नष्ट होने के बाद उगे कमल के फूलों से कुुछ आय हो जाएगी।

मलिकपुर के किसान हरपाल डागर ने बताया कि उन्होंने दो हजार रुपये के फूल बेचे। उनकी तरह अन्य किसानों ने भी दो से तीन हजार रुपये के फूल बेचे हैं। वहीं दुकानदारों ने बाजार में कमल का एक फूल 50 रुपये में बेचा। दुकानदार महाबीर ने बताया कि वे गत वर्षों के दौरान फूल मंडी से 35 से 40 रुपये में लेकर आते थे। इस बार उन्हें 20 रुपये में ही फूल मिल गया। इससे किसानों की तरह उन्हें भी लाभ हो गया।
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