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गंभीर बीमारियों से बचा सकती है डॉक्टर की सलाह, कोरोना के दौर में मानें चिकित्सक की हर बात
Tue, 30 Jun 2020 10:19 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 30 Jun 2020 10:19 PM IST
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डॉ. सुधीर रावल
- फोटो : अमर उजाला
हर साल पहली जुलाई को डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। वैसे तो हर दिवस डॉक्टर दिवस ही है। मौजूदा दौर में आप एक भी ऐसे दिन की कल्पना नहीं कर सकते हैं, जब सभी डॉक्टर अपनी भूमिका से दूर हो जाएं। कोविड-19 महामारी के इस दौर में जिस तरह से तमाम डॉक्टर अपनी परवाह किए बिना लोगों के इलाज और उनकी सुरक्षा में लगे हैं, उससे यह बात और भी पुख्ता हो जाती है कि डॉक्टर की भूमिका समाज में कितनी अहम है।
इन सभी बातों को देखते हुए हमें इस बात का भी पूरा प्रयास करना चाहिए कि हम डॉक्टरों के सुझाव के भी पूरा पालन करें। कोविड-19 के इस दौर में डॉक्टर की हर सलाह हमारे जीवन की रक्षा में सहायक है। यह बात धीरे-धीरे सामने आती जा रही है कि पहले से किसी बीमारी के शिकार लोगों में कोरोना संक्रमण गंभीर होने का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में हमारे लिए इस बात को जानना और समझना बहुत जरूरी है कि किन परिस्थितियों में कौन सी बातों का पालन किया जाए। डॉक्टर दिवस की पूर्व संध्या पर राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुधीर रावल ने कहा कि आमतौर पर कैंसर के मरीजों का इम्यून कमजोर होता है और ऐसे लोगों के कोविड-19 संक्रमण की जद में आने की आशंका ज्यादा रहती है।
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इसलिए कैंसर के मरीजों को फिजिकल डिस्टेंसिंग के मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए, जहां तक संभव हो बाहर नहीं निकलना चाहिए, संतुलित आहार लेना चाहिए और सकारात्मक विचार रखना चाहिए। उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों को लगातार अपने ओंकोलॉजिस्ट के संपर्क में रहने का भी सुझाव दिया। डॉ. रावल ने कहा कि बात केवल कैंसर के मरीजों की ही नहीं, पहले से किसी भी बीमारी के शिकार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इम्यून कंप्रोमाइज्ड लोगों को बहुत सतर्क रहना होगा। इम्यून सिस्टम का प्राथमिक काम संक्रमण से लड़ना होता है। ’इम्यून कंप्रोमाइज्ड’ का अर्थ है ऐसा व्यक्ति जिसका इम्यून सिस्टम सामान्य स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में कमजोर हो। ऐसे लोगों में कोविड-19 जैसे संक्रमणों की चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती है।
कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियां व्यक्ति के इम्यून को कमजोर करती हैं। इसी तरह बड़ी उम्र और धूम्रपान, ज्यादा शराब पीने, आलसी जीवन जीने और जंक फूड खाने वाली लाइफस्टाइल से भी इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। कैंसर के मरीजों में कीमोथेरेपी जैसे इलाज के दौरान इम्यून ज्यादा कमजोर होने का खतरा रहता है।
डॉ. रावल ने कहा कि हर डॉक्टर लोगों को ऐसी आदतों से बचने की सलाह देता है, जो सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस डॉक्टर दिवस के मौके पर अगर हर व्यक्ति डॉक्टर की सलाह मानने का निश्चय कर ले तो कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सकता है।
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इन सभी बातों को देखते हुए हमें इस बात का भी पूरा प्रयास करना चाहिए कि हम डॉक्टरों के सुझाव के भी पूरा पालन करें। कोविड-19 के इस दौर में डॉक्टर की हर सलाह हमारे जीवन की रक्षा में सहायक है। यह बात धीरे-धीरे सामने आती जा रही है कि पहले से किसी बीमारी के शिकार लोगों में कोरोना संक्रमण गंभीर होने का खतरा बढ़ जाता है।
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ऐसे में हमारे लिए इस बात को जानना और समझना बहुत जरूरी है कि किन परिस्थितियों में कौन सी बातों का पालन किया जाए। डॉक्टर दिवस की पूर्व संध्या पर राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुधीर रावल ने कहा कि आमतौर पर कैंसर के मरीजों का इम्यून कमजोर होता है और ऐसे लोगों के कोविड-19 संक्रमण की जद में आने की आशंका ज्यादा रहती है।
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इसलिए कैंसर के मरीजों को फिजिकल डिस्टेंसिंग के मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए, जहां तक संभव हो बाहर नहीं निकलना चाहिए, संतुलित आहार लेना चाहिए और सकारात्मक विचार रखना चाहिए। उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों को लगातार अपने ओंकोलॉजिस्ट के संपर्क में रहने का भी सुझाव दिया। डॉ. रावल ने कहा कि बात केवल कैंसर के मरीजों की ही नहीं, पहले से किसी भी बीमारी के शिकार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इम्यून कंप्रोमाइज्ड लोगों को बहुत सतर्क रहना होगा। इम्यून सिस्टम का प्राथमिक काम संक्रमण से लड़ना होता है। ’इम्यून कंप्रोमाइज्ड’ का अर्थ है ऐसा व्यक्ति जिसका इम्यून सिस्टम सामान्य स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में कमजोर हो। ऐसे लोगों में कोविड-19 जैसे संक्रमणों की चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती है।
कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियां व्यक्ति के इम्यून को कमजोर करती हैं। इसी तरह बड़ी उम्र और धूम्रपान, ज्यादा शराब पीने, आलसी जीवन जीने और जंक फूड खाने वाली लाइफस्टाइल से भी इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। कैंसर के मरीजों में कीमोथेरेपी जैसे इलाज के दौरान इम्यून ज्यादा कमजोर होने का खतरा रहता है।
डॉ. रावल ने कहा कि हर डॉक्टर लोगों को ऐसी आदतों से बचने की सलाह देता है, जो सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस डॉक्टर दिवस के मौके पर अगर हर व्यक्ति डॉक्टर की सलाह मानने का निश्चय कर ले तो कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सकता है।