अलविदा ट्रेजेडी किंग: "तीन सितारा होटल, दो हम, लो हो गया पांच सितारा"...जब दिलीप कुमार का जवाब सुनकर छूट गई थी हंसी
करीबी के होटल बदलने की फरमाइश पर दिलीप कुमार का जवाब सुनकर सभी हंसने लगे थे। हिंदी सिनेमा के लेजेंड दिलीप कुमार की दिल्ली से जुड़ी यादों को चाहने वालों ने साझा किया।
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हिंदी सिनेमा जगत के महानतम कलाकार दिलीप कुमार के निधन से दुनिया भर में उनके चाहने वालों का दिल बैठ गया है। बॉलीवुड के ट्रेजेडी किंग को लोगों ने श्रद्धांजलि दी है। वह जितने बड़े अभिनेता थे, उससे कहीं बड़े जिंदादिल इंसान थे। साथी कलाकारों के साथ दिलीप कुमार का इतना मधुर व्यवहार था कि लोग उनसे गहराई तक जुड़ गए।
बुधवार को उनके निधन की सूचना मिलने के बाद उनके चाहने वालों ने उनसे जुड़ी यादों को साझा किया। ऐसा ही एक वाक्या दिल्ली के ली मैरिडियन होटल के सेल्स हेड रहे जगदीश महाजन ने साझा किया। दिलीप कुमार जब भी दिल्ली आते तो कनिष्क होटल में रुकते थे। जो अब संगरीला होटल है।
जगदीश महाजन की दिलीप कुमार से अच्छी जान पहचान थी। एक बार जब दिलीप कुमार दिल्ली आए तो जगदीश महाजन उनसे मिलने कनिष्क होटल गए। उन्होंने कहा कि सर आप यहां रुकते हैं, अच्छा नहीं लगता। यह तीन सितारा होटल है। आप हमारे यहां रुकें।
दिलीप कुमार ने महाजन को जवाब दिया था, तुमने कनिष्क होटल को तीन सितारा होटल बताया, दो सितारे तुम्हारे सामने हैं, अब बताओ हो गए न पांच सितारे। दो सितारे से उनका मतलब वो और साथ में उनकी पत्नी सायरा बानो से था। उनकी बात सुनकर सायरा बानो और बाकी सब ठहाके लगाकर हंस पड़े।
मेरा सौभाग्य था कि दो साल उनके साथ काम किया- अभिनव कांत चतुर्वेदी
साल 1991 में रिलीज हुई सौदागर फिल्म में दिलीप कुमार के साथ अभिनय कर चुके अभिनव कांत चतुर्वेदी ने यादों को साझा किया। फिल्म में रोल कम थे तो अभिनव ने इसके निर्देशक सुभाष घई को असिस्ट भी किया था। अभिनव कांत चतुर्वेदी ने बताया कि उनका सौभाग्य था कि सौदागर के लिए दिलीप साहब के साथ दो साल काम किया।
दिलीप साहब ने कभी स्टारडम का दिखावा नहीं किया। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन उन्हें थेस्पियन कहते हैं। जितनी पुरानी हमारी बॉलीवुड इंडस्ट्री (करीब 100 साल) उतने पुराने वो (98 वर्ष की आयु में निधन)। हम रोजाना उनका पहला शॉट देखने पहुंच जाते थे।
अभिनव बताते हैं कि सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में सौदागर का प्रीमियर हुआ, तो सुभाष घई से कहकर उन्होंने दिल्ली का होने के नाते सबसे पहले उनका परिचय करवाया। वह तीमाल और तहजीब के पक्के थे और सधे अंदाज में बात करते थे। इसके साथ ही वह बेहद जिंदा दिल इंसान थे।
इतने बड़े कलाकार के अंदर रूखापन बिल्कुल नहीं था। उनके संपर्क में जो भी आया उसने उनसे सीखा। मैंने भी सौदागर फिल्म करने के दौरान 2 साल उनके साथ रहकर खूब सीखा। उनके लिए एको अहम द्वितीयो नास्ति बिल्कुल फिट बैठता है।
बंगाली मार्केट में नत्थू स्वीट्स पर छोले भटूरे खाने बराबर आते थे
मंडी हाउस के बगल स्थित बंगाली मार्केट में नत्थू स्वीट्स पर दिलीप कुमार अक्सर दिल्ली आने पर छोले भटूरे खाने आते थे। यहां की मिठाइयां भी उन्हें भाती थीं। उनके करीबियों ने बताया कि वह इतने बड़े कलाकार थे, लेकिन उनकी सोच गहरी और बातों में ठहराव था। जहां दिल लगा लिया उस गली वह बार-बार जाना पसंद करते थे। दिल्ली में बंगाली मार्केट उनके दिल के बेहद करीब थी।
उपराज्यपाल ने दिलीप कुमार को दी श्रद्धांजलि
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिलीप कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार के निधन से एक युग का अंत हो गया। उन्होंने कहा कि वह जीवनभर लीजेंड की तरह जिए, उनके जाने के बाद भी उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने उनके परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा है कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे दिलीप कुमार
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अभिनेता दिलीप कुमार को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा है कि वह लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। जानेमाने अभिनेता दिलीप कुमार का निधन बॉलीवुड के एक अध्याय का अंत है। यूसुफ साहब का शानदार अभिनय कला के क्षेत्र में एक विश्वविद्यालय की तरह था। सीएम ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।