फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Difficulty in giving written exam due to online studies

समस्या: ऑनलाइन पढ़ाई के कारण लिखित परीक्षा देने में हो रही परेशानी, लिखावट भी हो चुकी खराब

Fri, 25 Mar 2022 04:52 AM IST
Jeet Kumar सीमा शर्मा नई दिल्ली।
सीमा शर्मा नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 25 Mar 2022 04:52 AM IST
सार

छात्र कहते हैं कि लिखने की आदत नहीं रही। वही, शिक्षकों का कहना है कि लिखावट इतनी खराब हो चुकी है कि पढ़ना मुश्किल हो रहा है।

विज्ञापन
Difficulty in giving written exam due to online studies
कक्षा में पढ़ते बच्चे... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैश्विक महामारी के चलते मध्य मार्च 2020 में जब शिक्षण संस्थान बंद हुए तो छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करना नहीं जानते थे। अब दो साल बाद छात्रों को लिखित परीक्षा देने में दिक्कत आ रही है।

विज्ञापन


दो सालों में मोबाइल, कंप्यूटर पर पढ़ाई, टेस्ट सब लिखते रहे थे। अब उनको पेन-पेंसिल से कागज पर लिखना मुश्किल हो गया है। छात्र कहते हैं कि लिखने की आदत नहीं रही। वही, शिक्षकों का कहना है कि लिखावट इतनी खराब हो चुकी है कि पढ़ना मुश्किल हो रहा है। अब सभी को अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र का इंतजार है ताकि कक्षाओं में दोबारा से उन्हें लिखने की प्रैक्टिस करवाई जाए। 
विज्ञापन


वहीं, शिक्षकों का कहना है कि 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के छात्र सबसे अधिक दबाव में हैं। दरअसल, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस एग्जाम की घोषणा और स्कूल के अंक का वेटेज स्नातक दाखिले में न मिलने से परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लर्निंग गेप कवर हो जाएगा
द्वारका सेक्टर-51 स्थित बीजीएस इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल पूनम गुप्ता ने बताया कि छात्रों में जो लर्निंग गेप है वह आसानी से कवर हो जाएगा। दरअसल, बच्चे जितनी जल्दी भूलें और उतनी ही जल्दी वे सीख भी जाएंगे। शिक्षकों को वैल्यू क्लासेस में प्रशिक्षित किया गया है ताकि वो छात्रों की इस दिक्कत में सुधार कर सकें।  

इसमें बिना किताब क्लास में कहानियों के माध्यम से पढ़ाया जाता है। महामारी में यह वैल्यू क्लासेज सबसे अधिक फायदेमंद     रही। हालांकि लर्निंग गेप से ज्यादा दिक्कत 12वीं बोर्ड परीक्षा वाले छात्रों में देखने को मिल रही है। छात्र बेहद दबाव में हैं। दरअसल, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस एग्जाम के चलते इस बार 12वीं कक्षा के अंकों का कोई वैटेज स्नातक दाखिले में नहीं मिलेगा। 

अब छात्रों ने साल भर तो ऐसे ही तैयारी की है। महामारी और सीबीएसई  बोर्ड द्वारा सेमेस्टर एग्जाम और अब सीयूईटी के चलते वे दबाव में हैं। हालांकि सीयूईटी एक अच्छी योजना है, लेकिन छात्रों को   समय नहीं मिल पाया है।


शुरू में ऑनलाइन तो अब ऑफलाइन पढ़ाई मुश्किल
कोरोना आने पर एकदम से स्कूल बंद हो गए थे। ऐसे में मोबाइल और कंप्यूटर पर सारा दिन ऑनलाइन पढ़ाई बेहद मुश्किल लगती थी। आंखों, सिर और अंगुलियों में दर्द हो जाता था। धीरे-धीरे आदत हो गई। अब स्कूल शुरू हो चुके और दो साल बाद लिखित परीक्षा देनी पड़ रही है। लिखने की आदत नहीं रही है। अब डर लग रहा है नंबर कम आएंगे तो अभिभावक गुस्सा करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed