{"_id":"5f18698f8ebc3e9f6140edb7","slug":"dial-knocks-high-court-doors-on-26-hundred-property-tax-by-dcb-ashram-news-noi525025361","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायल ने 26 सौ करोड़ का संपत्ति कर मांगने पर खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायल ने 26 सौ करोड़ का संपत्ति कर मांगने पर खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। डायल ने वर्ष 2016-19 के लिए दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की तरफ से मांगे गए करीब 2600 करोड़ रुपये के संपत्ति कर को चुनौती दी है। डायल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई) संचालित करता है।
मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने याचिका पर गृह मंत्रालय, रक्षा और विमानन मंत्रालय, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (डीसीबी) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को नोटिस जारी कर 12 अगस्त तक जवाब मांगा है। हालांकि, पीठ ने इस याचिका पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार कर दिया है।
याचिका में बोर्ड के 15 जून के आदेश पर स्थगन का आग्रह किया गया था या कर का भुगतान नहीं करने पर डायल पर किसी कड़ी कार्रवाई को रोकने की मांग की गई है। बोर्ड ने डायल को भुगतान के लिए 30 दिनों का समय दिया है। इस पर पीठ ने कहा कि अगर डीसीबी, डायल के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है तो डायल अदालत के समक्ष आवेदन दे सकता है।
विज्ञापन
इस बीच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और केंद्र सरकार के स्थायी वकील अनिल सोनी और डीसीबी ने डायल की तरफ से दी गई स्थगन याचिका का विरोध किया और सुनवाई पर भी सवाल उठाए।
याचिका में 15 जून को 25,89,10,97,035 करोड़ रुपये की मांग को खारिज करने के अलावा यह भी घोषणा करने की मांग की गई कि जिस जमीन पर आईजीआई स्थित है वह कैंटोनमेंट बोर्ड की नहीं है। इसलिए यह डीसीबी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। याचिका में डीसीबी द्वारा पहले संपत्ति कर के तहत मांगी गई विभिन्न राशियों से जुड़े पत्रों को भी खारिज करने की मांग की गई।
याचिका में डायल ने कहा कि हवाई अड्डे की जमीन का एक हिस्सा दक्षिण दिल्ली नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है, जिसके लिए वह नगर निकाय को संपत्ति कर का भुगतान करता है। शेष हिस्से के लिए डीसीबी की ओर संपत्ति कर की मांग की गई है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने याचिका पर गृह मंत्रालय, रक्षा और विमानन मंत्रालय, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (डीसीबी) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को नोटिस जारी कर 12 अगस्त तक जवाब मांगा है। हालांकि, पीठ ने इस याचिका पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार कर दिया है।
विज्ञापन
याचिका में बोर्ड के 15 जून के आदेश पर स्थगन का आग्रह किया गया था या कर का भुगतान नहीं करने पर डायल पर किसी कड़ी कार्रवाई को रोकने की मांग की गई है। बोर्ड ने डायल को भुगतान के लिए 30 दिनों का समय दिया है। इस पर पीठ ने कहा कि अगर डीसीबी, डायल के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है तो डायल अदालत के समक्ष आवेदन दे सकता है।
विज्ञापन
इस बीच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और केंद्र सरकार के स्थायी वकील अनिल सोनी और डीसीबी ने डायल की तरफ से दी गई स्थगन याचिका का विरोध किया और सुनवाई पर भी सवाल उठाए।
याचिका में 15 जून को 25,89,10,97,035 करोड़ रुपये की मांग को खारिज करने के अलावा यह भी घोषणा करने की मांग की गई कि जिस जमीन पर आईजीआई स्थित है वह कैंटोनमेंट बोर्ड की नहीं है। इसलिए यह डीसीबी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। याचिका में डीसीबी द्वारा पहले संपत्ति कर के तहत मांगी गई विभिन्न राशियों से जुड़े पत्रों को भी खारिज करने की मांग की गई।
याचिका में डायल ने कहा कि हवाई अड्डे की जमीन का एक हिस्सा दक्षिण दिल्ली नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है, जिसके लिए वह नगर निकाय को संपत्ति कर का भुगतान करता है। शेष हिस्से के लिए डीसीबी की ओर संपत्ति कर की मांग की गई है।