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Delhi : दिल्ली होगी ड्रग्स मुक्त, उपराज्यपाल सक्सेना ने समन्वय समिति की बैठक में दिये सख्त निर्देश

Fri, 28 Apr 2023 05:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 28 Apr 2023 05:21 AM IST
सार

उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के आसपास मादक पदार्थ बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए हॉटस्पॉट की पहचान कर कार्रवाई की जाए।

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Delhi will be drug free, instructions of Lieutenant Governor Saxena
एलजी वीके सक्सेना - फोटो : ANI

विस्तार

उपराज्यपाल ने बृहस्पतिवार को नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) की राज्यस्तरीय समिति की 5वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के आसपास मादक पदार्थ बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए हॉटस्पॉट की पहचान कर कार्रवाई की जाए।

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अगर नशीले पदार्थों की तस्करी में किसी संपत्ति का इस्तेमाल होता है तो उसे सील कर ध्वस्त किया जाए। साथ ही, स्कूल-कॉलेज में दाखिले के लिए विद्यार्थियों से ड्रग्स के खिलाफ ई-शपथ भी लेना होगा। रेस्तरां, पब और होटलों को भी लाइसेंस के लिए ई-शपथ अनिवार्य होगा। सभी एजेंसियों को नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए मिशन मोड में काम करना होगा।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली में ड्रग्स तस्करी के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की सभी एजेंसियों को मिलकर सक्रिय भागीदारी निभाने की जरूरत है। ड्रग्स तस्करी केवल अपराध ही नहीं है, बल्कि यह देश को कमजोर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। उन्होंने हॉटस्पॉट की पहचान कर संबंधित एजेंसियों को हर हाल में ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने के निर्देश दिए।
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खासतौर पर स्कूल और कॉलेजों के आसपास ड्रग्स की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कहा, ताकि युवा ड्रग्स की चपेट में न आएं। उन्होंने दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राजधानी में स्कूल-कॉलेजों के पास के इलाकों में पान की दुकानें और क्योस्क-रेहड़ी पटरियों पर छापे मारकर नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई करें। हाल के दिनों में देखा गया है कि स्कूल-कॉलेजों के पास छोटी-छोटी रेहड़ी-पटरियों से इनकी बिक्री होती है। पुलिस हॉटस्पॉट की पहचान कर ब्योरा सौंपे।

इमारतों को सील कर ध्वस्त करें
ड्रग माफिया को खत्म करने के लिए पुलिस समेत संबंधित एजेंसियों से उपराज्यपाल ने कहा कि ऐसी कोई भी इमारत जहां से ड्रग्स कारोबार चल रहा है, उन्हें सील कर ध्वस्त करें। साथ ही, जिन वाहनों से ड्रग तस्करी हो रही है, परिवहन विभाग उनकी पहचान कर तत्काल परमिट रद्द करे।

रेस्तरां, पब और होटलों के लाइसेंस होंगे रद्द
उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को दिल्ली सरकार के अधीन सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, स्कूलों में दाखिले के समय आवेदकों को ई-प्लेज यानी ड्रग्स के खिलाफ ऑनलाइन शपथ को अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। ई-प्लेज, रेस्तरां, पब और होटल मालिकों के लिए भी अनिवार्य होगी। आबकारी विभाग समेत दूसरी एजेंसियों को भी इसे अनिवार्य नियम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर इन जगहों पर किसी तरह के ड्रग्स की संलिप्तता पाई जाती है तो लाइसेंस को रद्द होगा।

पुलिस, एनसीबी और ईडी के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी
उपराज्यपाल ने एनडीपीएस मामलों से निपटने के लिए पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और प्रवर्तन निदेशालय के बीच प्रभावी समन्वय बनाने का आह्वान किया है, ताकि धन के बड़े लेनदेन को तुरंत ईडी के हवाले किया जा सके। उन्होंने दिल्ली पुलिस को ड्रग्स के मामले में कुख्यात और आदतन अपराधियों को लंबे समय तक हिरासत में रखने और पीआईटीएनडीपीएस (पीआईटी एनडीपीएस) अधिनियम को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया है। इस एक्ट के तहत एक साल तक हिरासत में रखा जा सकता है।

शेल्टर होम के लिए प्रबंधक होंगे जिम्मेदार
एलजी ने कहा कि शेल्टर होम और आसपास ड्रग्स का नया अड्डा बनता जा रहा है। उन्होंने सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि लगातार हालात पर नजर रखें। शेल्टर होम के प्रबंधकों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करें, ताकि संदिग्ध गतिविधियों को आसानी से पहचान लें। शेल्टर होम में जो लोग ड्रग्स के आदी हैं, उनकी भी पहचान हो सकेगी। साथ ही इन शेल्टर होम में ड्रग्स संबंधित घटनाओं के लिए प्रबंधक जिम्मेदार होंगे।


85 हजार पोस्टमैन को दी जाएगी ट्रेनिंग
एलजी ने डाक विभाग से भी 85 हजार पोस्टमैन को ड्रग्स तस्करी और ड्रग्स के आदी लोगों की पहचान के लिए प्रशिक्षित करने का आग्रह किया है। कई मामलों में देखा गया है कि दूरदराज के पोस्ट ऑफिस से डाक या पार्सल की आड़ में ड्रग्स की सप्लाई की जाती है। एलजी ने ड्रग्स तस्करी और ड्रग्स अपराध में संलिप्त लोगों का ब्योरा एजेंसियों को आपस में साझा करने पर जोर दिया है, ताकि इस अपराध की निगरानी और बेहतर प्रवर्तन हो सके।

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