दिल्ली: मास्क लगाना भूल गए तो नहीं देना होगा जुर्माना, डीडीएमए ने जनता को दी यह राहत
गुरुवार को डीडीएमए की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाने पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
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दिल्ली में अब मास्क पर जुर्माना नहीं देना होगा। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने और टीकाकरण लक्ष्य के काफी करीब पहुंचने के चलते दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने यह निर्णय लिया है। यह नियम एक अप्रैल से लागू होगा जिसकी जानकारी दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।
गुरुवार को हुई डीडीएमए की 35वीं बैठक में फैसला लिया गया कि राजधानी के सार्वजनिक स्थलों पर अब मास्क के लिए जुर्माना नहीं लगेगा। मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि इसका मतलब यह भी नहीं है कि लोग मास्क अथवा कोविड व्यवहार के प्रति लापरवाह हो जाएं।
डीडीएमए ने लोगों से अपील की है कि संक्रमण के नियंत्रण में आने के बाद भी मास्क ही संक्रमण से बचाव का सबसे बेहतर विकल्प है। वर्तमान में मास्क नहीं पहनने पर दिल्ली में 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है।
जानकारी के अनुसार उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक शुरू होने के बाद दिल्ली की वर्तमान स्थिति को लेकर एक प्रस्तुति दी गई, जिसमें बताया गया कि एक तरफ दैनिक संक्रमण दर एक फीसदी से नीचे चल रही है। वहीं दो महीने पहले दिल्ली पहली खुराक का टीकाकरण 100 फीसदी पूरा कर चुकी है। इसके अलावा दूसरी खुराक का टीकाकरण भी लगभग 90 फीसदी तक पूरा हुआ है।
बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान स्थिति में मास्क पहनने की जरूरत सभी लोगों के लिए है लेकिन इसके लिए जुर्माना बरकरार रखना उचित नहीं है। विशेषज्ञों की सलाह के बाद बैठक में आपसी सहमती से यह तय हुआ कि दिल्ली में मास्क पर जुर्माना देने का नियम अब वापस लिया जाएगा। दिल्ली सरकार जल्द ही इसे लेकर आधिकारिक तौर पर सभी जिला प्रशासन के लिए आदेश जारी करेगा।
दरअसल साल 2020 में कोरोना महामारी आने के बाद डीडीएमए ने मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना लगने का नियम लागू किया था। हालांकि कुछ समय बाद राजधानी में यह जुर्माना दो हजार रुपये तक पहुंच गया था लेकिन संक्रमण में कमी आने के बाद चालान राशि में भी सरकार ने कटौती की थी। वर्तमान में मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है।
दिल्ली में अब कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट ही सबसे अधिक मरीजों में देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस माह मार्च में जीनोम सीक्वेसिंग के दौरान सभी नमूनों में ओमिक्रॉन वेरिएंट की पुष्टि हुई है। इस महीने में 442 नमूनों की सीक्वेसिंग की गई, जिनमें ओमिक्रॉन पाया गया। इससे पहले जनवरी से मार्च के बीच कोरोना से मरने वाले 578 मृतकों के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी की गई। इनमें से करीब 97 फीसदी 560 नमूने भी ओमिक्रॉन से संक्रमित मिले हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मार्च में जीनोम सीक्वेसिंग के लिए कुल 776 नमूने लिए गए थे, जिनमें 442 की जीनोम सीक्वेसिंग पूरी हो पाई। किसी भी नमूने में कोरोना का डेल्टा या अन्य कोई वेरिएंट नहीं मिला। इस आंकड़े के आधार पर अधिकारियों ने बैठक में बताया कि दिल्ली में अब सबसे अधिक ओमिक्रॉन वेरिएंट प्रसारित है। इस वेरिएंट ने डेल्टा का स्थान पूरी तरह से हासिल कर लिया है।
कोरोना के 113 नए मामले मिले
राजधानी में लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बीते एक दिन में कोरोना के 113 नए केस मिले हैं। वहीं, इस दौरान 114 मरीजों को छुट्टी दी गई। संक्रमण दर 0.49 फीसदी रही। राजधानी में अब तक संक्रमितों की कुल संख्या 18,64,970 हो चुकी है जिनमें 18,38,360 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। दिल्ली में अभी भी कोरोना के 458 सक्रिय केस है। वहीं कंटेनमेंट जोन 2816 हैं।