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दिल्ली: एक हजार रुपये में बनाते थे आरटीपीसीआर रिपोर्ट, दो आरोपी गिरफ्तार

Wed, 02 Mar 2022 09:36 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 02 Mar 2022 09:36 PM IST
सार

शिकायतकर्ता ने साइबर थाना में शिकायत दी थी कि उसकी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट जाते हैं। उसे एक आरटीपीसीआर रिपोर्ट मिली थी। रिपोर्ट उसकी लैब की थी। जांच करने पर रिपोर्ट फर्जी निकली।

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Delhi: RTPCR report was made for one thousand rupees two accused arrested
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने कोरोना जांच की आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक हजार रुपये में फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाते थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अभी तक कितनी फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाटला हाउस व जाकिर नगर निवासी आमिर अंसारी और मोहम्मद अनस के रूप में हुई। इनके पास से एक कंप्यूटर व दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

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दक्षिण जिला डीसीपी बेनीटा मेरी जैकर ने बताया कि इस बाबत साबइर सेल थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा को शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह डायग्नोस्टिक लैब चलाता है। उसकी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट जाते हैं। उसे एक आरटीपीसीआर रिपोर्ट मिली थी। रिपोर्ट उसकी लैब की थी। जांच करने पर रिपोर्ट फर्जी निकली। यह रिपोर्ट उनकी लैब के नाम का इस्तेमाल कर बनाई गई थी। साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी आदि धाराओं में मामला दर्जकर लिया, जिसके बाद थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा की टीम ने जांच शुरू की।

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मोबाइल सर्विलांस से किया आमिर को गिरफ्तार

पुलिस टीम ने लैब से सारी जानकारी ली। पुलिस को पता चला कि क्यूआर कोड व वेबसाइट की फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी। आखिर में पुलिस की जांच टेक्निकल सर्विलांस पर आकर रुकी। जांच के बाद पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस से आमिर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने शुरू में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। सख्ती से पूछताछ करने पर पुलिस ने सच उगल दिया।
 

आरोपी आमिर अंसारी ने पुलिस को बताया कि वह अपने सहयोगी मोहम्मद अनस के साथ मिलकर फर्जी आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट तैयार करता था। वह आरटीपीसीआर की रिपोर्ट तैयार करने के एक हजार रुपये लेता था। ग्राहक जैसी रिपोर्ट चाहता था, आरोपी वैसी रिपोर्ट दे देते थे। इसके बाद पुलिस ने मोहम्मद अनस को गिरफ्तार कर लिया।

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