{"_id":"612a70a48ebc3efefb70cb10","slug":"delhi-police-files-chargesheet-against-four-accused-in-delhi-cantt-minor-girl-rape-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली कैंट मामला: नौ वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के आरोप में पुजारी सहित चार के खिलाफ आरोपपत्र दायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली कैंट मामला: नौ वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के आरोप में पुजारी सहित चार के खिलाफ आरोपपत्र दायर
Sat, 28 Aug 2021 11:12 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 28 Aug 2021 11:12 PM IST
सार
पुलिस ने कहा कि सभी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। अदालत ने संज्ञान मुद्दे पर सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की है।
विज्ञापन
दुष्कर्म व जलाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली छावनी इलाके में 9 वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में श्मशान के पुजारी और तीन अन्य के खिलाफ शनिवार को अदालत में आरोपपत्र दायर कर दिया। अपराध शाखा ने जांच मिलने के 23 दिनों में जांच पूरी कर आरोपपत्र दायर किया है।
विज्ञापन
ड्यूटी मजिस्ट्रेट मनु श्री के समक्ष दायर 400 पृष्ठों के आरोपपत्र में पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम जिले के श्मशान घाट के 55 वर्षीय पुजारी राधेश्याम और उसके कर्मचारियों-कुलदीप सिंह, सलीम अहमद और लक्ष्मी नारायण को आरोपी बनाया गया है।
विज्ञापन
पुलिस ने तर्क रखा कि विस्तृत जांच व गवाहों के बयानों के आधार पर इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 304, 376 (डी), 342, 506, 201 और 34 के तहत हत्या, गैर इरादतन हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, गलत तरीके से हिरासत में रखने, सबूतों को नष्ट करने के आरोप में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य है।
विज्ञापन
इन धाराओं के अलावा चारों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा छह और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कानून की धारा तीन के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। सभी आरोपी वर्तमान समय में न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान संबंधी सुनवाई 31 अगस्त तय की है।
एक अगस्त को बच्ची का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुजारी ने कहा था कि बच्ची की करंट लगने से मौत हुई है और उसी दौरान उसका शव को जला दिया गया लेकिन लोगों द्वारा आग बुझाकर बच्ची के अवशेष बरामद कर लिए गए। मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस कर रही थी लेकिन पुलिस पर लापरवाही के आरोप के चलते मामले की जांच पांच अगस्त को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई।
आरोपपत्र में उस विशेष जांच दल की एक रिपोर्ट भी शामिल की गई है जिसका गठन अपराध शाखा द्वारा त्वरित और प्रोफेशनल जांच के लिए किया गया था। पुलिस ने कहा जांच के दौरान, प्रासंगिक गवाहों की गवाही दर्ज करने के अलावा, वैज्ञानिक, तकनीकी और अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए और उनका विश्लेषण किया गया।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, रोहिणी के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ऑन बायोलॉजी एंड ओडोन्टोलॉजी से भी सहायता ली गई। पुलिस ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान फोरेंसिक मनोवैज्ञानिकों को भी शामिल किया गया था और एक रिपोर्ट को अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने बच्ची की मां के बयान के आधार पर एक मामला दर्ज किया था जिसने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या की गई और बाद में एक अगस्त को परिवार की सहमति के बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बच्ची की मां के आरोप
हालही में बच्ची के परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनकी पीड़ित बेटी के शव को आरोपियों ने अपने पाप के सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से श्मशान की जलती आग में फेंक दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी जानकारी में यह बात आई है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे आरोपी व्यक्तियों ने मार डाला। जब मृतक की मां अपनी बेटी की तलाश में श्मशान पहुंची तो उसे आरोपी व्यक्तियों ने बताया कि करंट लगने से उसकी बेटी की मौत हुई है।
मां ने कहा उनकी मृत बेटी के हाथों पर चोटों के निशान थे और उसकी नाक से खून बह रहा था। इतना ही नहीं आरोपियों ने मृतक के शव को छूने की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा जब वे रो रहे थे तभी भीड़ वहां इकट्ठी हो गई और मृतक की जलती चिता में पानी डाल दिया और मृतक के कुछ अवशेष प्राप्त किए गए।
अदालत ने दिल्ली छावनी क्षेत्र में कथित रूप से नाबालिगों से दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़ित परिवार को 2.5 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया था। अदालत ने दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) को मुआवजे की राशि प्रदान करने का निर्देश दिया था।
दिल्ली पुलिस ने बच्ची की मां के बयान के आधार पर एक मामला दर्ज किया था जिसने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या की गई और बाद में एक अगस्त को परिवार की सहमति के बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बच्ची की मां के आरोप
हालही में बच्ची के परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनकी पीड़ित बेटी के शव को आरोपियों ने अपने पाप के सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से श्मशान की जलती आग में फेंक दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी जानकारी में यह बात आई है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे आरोपी व्यक्तियों ने मार डाला। जब मृतक की मां अपनी बेटी की तलाश में श्मशान पहुंची तो उसे आरोपी व्यक्तियों ने बताया कि करंट लगने से उसकी बेटी की मौत हुई है।
मां ने कहा उनकी मृत बेटी के हाथों पर चोटों के निशान थे और उसकी नाक से खून बह रहा था। इतना ही नहीं आरोपियों ने मृतक के शव को छूने की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा जब वे रो रहे थे तभी भीड़ वहां इकट्ठी हो गई और मृतक की जलती चिता में पानी डाल दिया और मृतक के कुछ अवशेष प्राप्त किए गए।
अदालत ने दिल्ली छावनी क्षेत्र में कथित रूप से नाबालिगों से दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़ित परिवार को 2.5 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया था। अदालत ने दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) को मुआवजे की राशि प्रदान करने का निर्देश दिया था।